प्रिय महोदय, देश के ऐसे आईएएस अफसर जो बिना छुट्टी लिए सालों से गायब हैं, उनके विरुद्ध तथा इसी क्रम में श्री सूर्य प्रताप सिंह प्रमुख सचिव ओद्योगिक विकास के विरुद्ध कार्यवाही करने संबंधी मेरी जनहित याचिका अदालत ने ख़ारिज कर दी. अदालत ने कहा कि यह सेवा का मामला है और जनहित याचिका कैटगरी में नहीं आता. अदालत ने भले ही याचिका ख़ारिज कर दिया हो पर लोगों ने इसे बड़ा मुद्दा माना.
नवभारत टाइम्स ने पांच कॉलम की खबर छापी तो भड़ास समेत कई वेबसाइटों ने लगातार इस मामले पर खबर प्रकाशित की जिसे लाखों लोगों ने पढ़ा. समाचार प्लस न्यूज चैनल के दो लिंक लगा रहा हूँ. आप भी यह न्यूज़ देखिएगा. एक घंटे तक चैनल ने लगातार इसी मुद्दे पर बहस की. अब आप बताइए मुझे यह सवाल पूछने का हक़ था कि नहीं कि इस देश के आम आदमी के खून पसीने की कमाई से यह अफसर सालों तक बिना बताए विदेशों में धंधा क्यों कर रहे हैं?
मैं जानता हूँ इतने बड़े लोगों के खिलाफ होने से मुझे क्या क्या नुकसान हो सकता है पर क्या इस डर से मैं भी इस सिस्टम का हिस्सा बन जाऊं? आप लोगों की ताकत से बड़ी ताकत कोई नहीं. बस इतनी दुआ दीजिएगा कि ईमानदारी से इसी तरह गलत को गलत कहने की हिम्मत करता रहूँ.
http://www.youtube.com/watch?v=hfXTj-sAC24
http://www.youtube.com/watch?v=x19yHdjEVYY
सादर
संजय शर्मा
संपादक
वीकएंड टाइम्स
लखनऊ





