पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अब बैंकों, वित्तीय संस्थानों और सरकारी विभागों को भी सहारा समूह की दो कंपनियों और उनके वरिष्ठ अधिकारियों से लेन-देन में सावधानी बरतने की सलाह दी है. इससे पहले सेबी ने सहारा से कारोबार को लेकर आम लोगों को चेताया था. सेबी ने सहारा की इन कंपनियों की संपत्तियां जब्त करने का आदेश जारी कर चुका है.
सेबी ने बैंकों, म्युचुअल फंडों, पूंजी बाजार इकाइयों और सरकारी विभागों को भेजी अपनी सलाह में कहा है कि सहारा की दो कंपनियों की संपत्तियां जब्त की जा रही है, इसलिए इनके साथ लेन-देन में पूरी सतर्कता बरतें. सेबी ने सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन, सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन और समूह के चेयरमैन सुब्रत राय सहित तीन अन्य निदेशकों के बैंक खाते, सभी निवेश और अन्य चल-अचल संपत्तियां जब्त करने का आदेश जारी किया है.
सेबी अब तक सैकड़ों वित्तीय संस्थानों को यह सलाह भेज चुका है. बाकी को भी यह संदेश भेजा जा रहा है. सेबी ने कहा कि है वह निवेशकों का पैसा वापस करने को सहारा से 19 हजार करोड़ रुपये की वसूली के लिए बैंकों, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और अन्य नियामकों की मदद लेगा. सहारा ने सेबी को अब तक 5,120 करोड़ रुपये की रकम का भुगतान किया है. सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में कंपनी को निवेशकों से जुटाए गए 24,000 करोड़ रुपये की रकम ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया था. अदालत ने सेबी को इस रकम को निवेशकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंप रखी है.






