जनवाणी का हाल दिन प्रतिदिन बुरा होता जा रहा है. संपादक यशपाल सिंह अब मूकदर्शक बन गए हैं और मालिकान की हां में हां मिला रहे हैं. वे किसी न किसी तरह से गाड़ी खींच रहे हैं. अब सबसे ज्यादा वो लोग पिस रहे हैं जो उनके करीबी थे. जनवाणी का एक और विकेट गिरा ही मानिये. मुजफ्फरनगर के जिला प्रभारी हर्ष कुमार ने मेरठ तबादला किए जाने के बाद वहां ज्वाइन करने से इनकार कर दिया. वे एक महीने से आफिस नहीं जा रहे हैं. उनकी शिकायत थी कि ब्यूरो की सेलरी तीन माह से नहीं दी जा रही. वेतन मांगा तो तबादला कर दिया.
पहले दैनिक जागरण में जिला प्रभारी रह चके हर्ष को सुलझे हुए और शरीफ पत्रकार माने जाते हैं. हर्ष को जनवाणी के संस्थापक सदस्यों में गिना जाता था. माना जाता था कि वे यशपाल सिंह व मालिकान के काफी करीबी थे. मुजफ्फरनगर में हर्ष के स्थान पर पत्रकार ज्ञानप्रकाश को भेजा गया है. बताया जाता है कि ज्ञान मेरठ में क्राइम रिपोर्टर रहते हुए मालिकान की मनमर्जी के काम नहीं करा पाए थे, इसलिए उनको भेजा गया. ज्ञानप्रकाश को पिछले साल अमर उजाला से निकाल दिया गया था तो वे जनवाणी में आए थे.






