Shivam Bhardwaj : "खिसियानी बिल्ली खम्बा नोचे….." कुछ ऐसा ही हाल इस समय हमारे हिंदी न्यूज चैनलों का हो रहा है ! बेचारे कितनी शिद्दत के साथ डौंडीखेड़ा से "महाखाजाने की महकवरेज" कर रहे थे….. बता रहे थे कि १००० टन सोना मिलने पर इसका क्या क्या सदुपयोग किया जा सकता है…. बाबाओं के इंटरव्यू दिखा रहे थे, नेताओं की राय ले रहे थे खजाने के उपयोग और उसपर अधिकार के सम्बन्ध में !
लेकिन, ये क्या….. खुदाई शुरू होने के बाद जैसे ही 'स्वर्ण भण्डार' न मिलने जैसी ख़बरें आने लगीं इन खबरिया चैनलों का रुख ही बदल गया ! बेचारे, एक्सक्लूसिव ख़बरों के मारे ! अब क्या किया जाये कुछ सूझ ही नहीं रहा इन्हें….. आखिरकार अब एएसआई और जीएसआई के अधिकारियों को चैनल पर डिबेट में शामिल कर उनपर अपनी खीज निकाल रहे हैं ! कह रहे हैं कि सब आपकी गलती है, आपकी ही गलती से इतना बवंडर हो रहा है !
गलती इन अधिकारियों की….. सरसरी तौर पर तो नहीं लगती ! एक कथित दावे को मसाला खबर बनाकर किसने चलाया था अपने चैनलों पर ? कौन टीआरपी का भूखा था ? कौन शोभन सरकार के गुणगान करने में लगा था ? कौन नेताओं और मंत्रियों के स्टेटमेंट ले रहा था ? किसने इस खबर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर लोगों के सामने रखा ? सारे सवालों का एक ही जवाब है – मीडिया ने ………….
तो फिर भैया गलती एएसआई और जीएसआई के अधिकारियों की क्यूँ ? उन्होंने तो ये कहा नहीं कि खुदाई केवल स्वर्ण भण्डार के लिए हो रही है|
और तो और जिस शोभन सरकार के गुणगान तमाम हिंदी न्यूज चैनल कर रहे थे और जिनके कथित दावे पर ये पूरा बखेड़ा खड़ा हुआ बताया गया उनका एक स्टेटमेंट भी ये लोग नहीं दिखा सके…बस उनके किसी कथित शिष्य के माध्यम से ही सारी मसालेदार बातें सामने लाते रहे ! अब हाल है कि 'न खुदा मिला न बिसाले सनम- न इधर के रहे न उधर के रहे हम…..' — watching द ग्रेट नौटंकी :).
शिवम भारद्वाज के फेसबुक वॉल से.
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