Himanshu Kumar : आज सोनी सोरी और लिंगा कोडोपी को सर्वोच्च न्यायालय ने अन्तरिम ज़मानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। ज़मानत याचिका पर अगली सुनवाई तीन दिसंबर को होगी। सोनी सोरी और लिंगा कोड़ोपी को पुलिस इस बीच किसी अन्य फ़र्ज़ी मामले में ना फंसा सके इस लिए सर्वोच्च न्यायलय ने इस दौरान सोनी सोरी और लिंगा कोड़ोपी को छत्तीसगढ़ से बाहर रहने का आदेश दिया है।
छत्तीसगढ़ पुलिस को अब सोनी सोरी और लिंगा कोड़ोपी को ससम्मान अपनी देखरेख में दिल्ली तक पहुंचा कर वापिस जाना होगा। आज सुनवाई शुरू होते ही सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि सरकार की तरफ से ज़िम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं हो पाये हैं इसलिए सुनवाई को दस दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया जाए।
इसको सुन कर जज श्री निज्जर ने सरकार से आज सुप्रीम कोर्ट में कहा कि देखिये ये अपमान जज निज्झर का नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय का अपमान किया है, और हमारी चिंता का विषय यह है कि इस तरह की घटनाओं से कोर्ट का इकबाल न ख़त्म हो जाय। इसलिए ये कोर्ट इन दोनों को और ज़्यादा ज़ुल्मों से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से ज़मानत पर रिहा करती है।
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Himanshu Kumar : क्या इत्तेफाक है कि जो छत्तीसगढ़ की पुलिस बेगुनाह सोनी सोरी को दिल्ली से पकड़ कर ले कर गयी थी। वही छत्तीसगढ़ पुलिस अब सोनी सोरी को उसी दिल्ली में बा- इज्ज़त रिहा भी करने आयेगी।
सोनी सोरी और लिंगा कोडोपी के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे मानवाधिकारवादी और सोशल एक्टिविस्ट हिमांशु कुमार के फेसबुक वॉल से.






