तिरूवनंतपुरम। वरिष्ठ वकील और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने आज कहा कि खबरों को सनसनीखेज बनाने तथा गलत खबर देने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए देश को मीडिया क्षेत्र के लिए एक स्वतंत्र एवं अधिकारसंपन्न नियामक प्राधिकरण की आवश्यकता है। भूषण ने यहां मलयालम दैनिक ‘केरल कौमुदी’ के शताब्दी समारोह के सिलसिले में आयोजित ‘भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष में मीडिया की भूमिका’ विषय पर संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए कहा, ‘‘हालांकि अन्य पेशे में स्वनियमन है, लेकिन मीडिया में इससे काम नहीं चलेगा । एक ऐसी एजेंसी बनायी जानी चाहिए जो सरकार से स्वतंत्र है और दोषी मीडिया के खिलाफ कार्रवाई करने में सक्षम हो।
उन्होंने कहा कि भारतीय प्रेस परिषद के पास कोई गंभीर शक्तियां नहीं है कि वह मीडिया घरानों द्वारा अधिकारों के दुरूपयोग के खिलाफ कार्रवाई कर सके। सरकार ऐसे व्यक्तियों को परिषद में नियुक्त कर रही है जिन्हें मीडिया की बांहें मरोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने कहा कि बड़े कोरपोरेट की मीडिया संस्थानों में हिस्सेदारी हासिल करने की प्रवृत्ति से देश में भ्रष्टाचार पर संतुलित रिपोर्टिंग के लिए खतरा पैदा हो गया है। हाल के दिनों में भ्रष्टाचार पर बहस शुरू करने में मीडिया की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए भूषण ने कहा कि मीडिया घरानों को ईमानदार और संजीदा लोगों को खोजी रिपोर्टिंग के काम में लगाना चाहिए और तमाम तरह की तथ्यात्मक जानकारी जनता तक पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए।





