सुब्रमण्यम स्वामी ने कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर सनसनीखेज खुलासा किया है. जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी ने आरोप मढ़ा है कि राहुल के पास करोड़ों की बेनामी संपत्ति है. सुब्रमण्यम स्वामी ने एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर कहा कि यंग इंडिया नामक कंपनी में राहुल, सोनिया गांधी के 76 फीसदी शेयर हैं. इन दोनों का इस कंपनी पर मालिकाना हक है. लेकिन राहुल गांधी ने इस कंपनी और इन शेयरों से संबंधित कोई भी जानकारी अमेठी से चुनाव में पर्चा भरते समय चुनाव आयोग को नहीं दी.
स्वामी ने कहा कि वो इस बाबत प्रधानमंत्री और चुनाव आयुक्त को चिट्ठी भी लिखेंगे और अगर प्रधानमंत्री कार्रवाई नहीं करते तो वो कोर्ट जाएंगे. इस तरह सोनिया और उनके पुत्र राहुल पर सुब्रमण्यम स्वामी ने फ़र्ज़ी कंपनी चलाने और सरकारी सुविधाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है.
स्वामी ने दावा किया कि सोनिया और राहुल गांधी ने धोखेबाज़ी से एक सार्वजनिक ट्रस्ट को निजी संपत्ति में बदल दिया. इन दोनों कांग्रेसी नेताओं ने दिल्ली में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटिड कंपनी की हेराल्ड हाउस नाम की 1600 करोड़ रूपए की संपत्ति महज़ 50 लाख रूपयों में हासिल की. राहुल और सोनिया गांधी की यंग इंडियन नाम की निजी कंपनी में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी थी जिसका इस्तेमाल उन्होंने एसोसिएटेड जर्नल्स के टेकओवर और हेराल्ड हाउस को हासिल करने के लिए किया. एसोसिएटेड जर्नल्स कंपनी भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने स्थापित की थी और ये नेशनल हेराल्ड और क़ौमी आवाज़ अख़बार छापती थी. अंग्रेज़ी भाषा का नेशनल हेराल्ड अब बंद हो चुका है. स्वामी ने कंपनी मामलों के मंत्रालय और सीबीआई से इस मामले की जांच की मांग की है.
स्वामी ने जो कुछ खुलासा किया, वह इस प्रकार है..
सोनिया और राहुल गांधी ने सेक्शन 25 के तहत यंग इंडियन कंपनी बनाई जिसने एसोसिएटिड जर्नल्स को खरीदा. 'यंग इंडिया' में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के 38-38 फीसदी शेयर हैं. यंग इंडिया के कर्ताधर्ता सोनिया, राहुल, मोती लाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे और सैम पित्रोदा हैं. कांग्रेस पार्टी ने एसोसिएटेड जर्नल्स कंपनी को 90 करोड़ से ज़्यादा का कर्ज़ दिया था. इनकम टैक्स एक्ट के तहत इस तरह का कर्ज़ ग़ैरक़ानूनी है क्योंकि एक राजनीतिक पार्टी व्यवसायिक काम के लिए कर्ज़ नहीं दे सकती. राहुल गांधी ने 2009 के लोकसभा चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करते समय यंग इंडियन में हिस्सेदारी की बात अपने शपथ पत्र में नहीं बताई थी. कांग्रेस पार्टी ने यंग इंडियन को कर्ज़ दिया और कंपनी की बैठकें सोनिया गांधी के आधिकारिक निवास, 10, जनपथ पर होती थीं. यंग इंडियन कंपनी अब दिल्ली स्थित हेराल्ड हाउस की मालिक है. कंपनी की इमारत की दो मंज़िलें पासपोर्ट ऑफ़िस को 30 लाख रुपए महीने के किराए पर दी गई है और इसका 76 प्रतिशत हिस्सा राहुल और सोनिया को जाता है. एसोसिएट जर्नल प्राइवेट लिमिटेड को शून्य ब्याज पर आधारित 90 करोड़ रुपये से ज्यादा कर्ज कैसे दिया गया क्योंकि यह गैर-कानूनी है कि कोई राजनीतिक पार्टी किसी से भी व्यावसायिक कांट्रैक्ट नहीं कर सकती.
20 फरवरी 2011 के बोर्ड के प्रस्ताव के बाद एसोसिएट जर्नल प्राइवेट लिमिटेड को शेयर हस्तांतरण के माध्यम से यंग इंडिया को ट्रांसफर कर दिया गया जो कि कोई न्यूजपेपर या जर्नल निकालने वाली कंपनी नहीं है. इसके बाद सात मंजिला हेराल्ड हाऊस भी गैर-कानूनी ढंग से किराए पर खोला गया और पासपोर्ट सेवा केंद्र को रेंट पर इसके दो फ्लोर दे दिए गए. एस.एम.कृष्णा ने इसके दफ्तर का उदघाटन किया. इस प्रकार यंग इंडिया किराए के रूप में बहुत कमा रही है.
जब एसोसिएटेड जर्नल ट्रांसफर हुआ तब इसके ज्यादातर शेयरहोल्डर मर चुके थे पर उनके शेयर किसके पास गए और कहां हैं? आखिर कैसे यंग इंडिया की मीटिंग सोनिया गांधी के सरकार आवास में हुई. वहां यह मीटिंग नहीं होनी चाहिए थी क्योंकि कंपनी पैसा कमाने के लिए होती है.






