कटिहार में पत्रकार के भाई की हत्या की खबर दिखाए जाने से नाराज भाजपा एमएलसी अशोक अग्रवाल अब पत्रकारों को भी धमकाने लगे हैं. इस हत्या में अशोक अग्रवाल को भी आरोपी बनाया गया है. मामला सत्ता पक्ष के एमएलसी से जुड़े होने के कारण पुलिस भी दबाव में है. पत्रकार संभावना जता रहे हैं कि एमएलसी जांच प्रभावित कर सकते हैं. अशोक अग्रवाल इसी चलते पत्रकारों से नाराज हैं. बताया जा रहा है कि भाजपा एमएलसी ने अपने आवास पर पत्रकारों को धमकी दी.
पूरा मामला उस वक्त का है जब 17 जुलाई को हुए धीरज हत्याकांड की जांच करने पटना से फोरेंसिक टीम अगले दिन यानी 18 जुलाई को कटिहार पहुंची थी. इसी खबर को कवर करने के लिए पत्रकार पहुंचे थे. पत्रकारों को एमएलसी दफ्तर में बुलाकर यह धमकी दी गई कि ज्यादा तेज ना चलें और ज्यादा ना उड़ें… वरना अंजाम बुरा होगा. दो पत्रकारों को स्पष्ट धमकी देते हुए दुसरे पत्रकारों को भी चेताया गया.
उल्लेखनीय है कि इस हत्याकांड में पुलिस ने अशोक अग्रवाल की संदेहास्पद भूमिका पर टीवी मीडिया ने कई सवाल खड़े किए हैं. जिससे एमएलसी काफी खफा हैं और मामले को दबाने के इरादे से अब मीडिया को भी धमकाने की हरकत पर उतारू हो गए हैं. वहीं दूसरी तरफ कटिहार पत्रकार संघ ने इसकी निंदा करते हुए कहा है कि मीडियाकर्मियों को धमकी देने वालों को बर्दास्त नहीं किया जाएगा. अध्यक्ष निरंजन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि जरूरत पड़ी तो धमकी के खिलाफ आंदोलन की रणनीति भी तैयार की जाएगी. अन्य दलों ने भी इस घटना की निंदा की है.






