प्रिय यशवंत सर, आपको बताना चाहूंगा कि कानपुर में दैनिक जागरण मैनेजर हैं विकास चंद्र जी, उन्होंने कानपुर की विशाल एडवरटाइजिंग एंड मार्केटिंग (वीएएम) से कई लाख रुपये खाकर उस एजेंसी को 702 के रेट पर दो पर एक फ्री की स्कीम दे दी. जिस पर कि वो एजेंसी सभी एजुकेशन क्लाइंट को यही रेट कोट करके मार्केट खराब कर रही है. जबकि मैनेजर साहब यह रेट किसी और एजेंसी को नहीं दे रहे हैं.
जब दूसरी एजेंसी वाले फोन करके उनसे कह रहे हैं कि सर ये आपने कौन सा रेट उसे दिया है और ये रेट हमे भी दीजिए ताकि हमारा क्लाइंट बचा रहे तो वो कहते हैं कि एड मैनेजर कपिल जायसवाल से मिलिए. जब एजेंसी उनके पास जाती है तो वो कहते हैं कि मैं नया हूं चीजें समझने में टाइम लगेगा. चलो फिर भी मैं बास से बात करूंगा. लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया जाता है. जब विकास चंद्र जी से बात करो तो वो ढंग से बात नहीं करते हैं. सर, ऐसे में हमलोगों की पूरी मार्केट खराब हो जाएगी और सारी एजेंसियों का धंधा-पानी भी बंद हो जाएगा. सर आप ही खबर छापकर कानपुर की छोटी एजेंसियों को मुसीबत से निकाल सकते हैं.
एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र.






