यशवन्त जी, आपके पोर्टल पर एक समाचार है कि पंकज बालियान ने ठगे तीस हजार रुपये, मान्यवर, इस पर आये कमेन्ट के बाद किसी अमित कुमार ने कमेन्ट किया है कि कोतवाली मे दलाल पत्रकारों पर मुकददमा दर्ज, तो इस संबंध में मैं यह कहना चाहता हूं कि उस दिन 3 दिसम्बर को आर्य स्वीट पर नगर मजिस्ट्रेट के छापे की जानकारी मीडिया को मिली। इस छापे के बाद पत्रकारों द्वारा नगर मजिस्ट्रेट की बाईट लेते समय शिव कुमार सैनी, राकेश आर्य, उमेश आर्य सहित 30 अन्य व्यापारियों द्वारा पत्रकारों पर हमला किया गया था, जिसके बाद नगर मजिस्ट्रेट महोदय ने तीन व्यापारियों को पकड़ लिया था।
इस मारपीट में पत्रकारों के कई कैमरे तोड़ दिये गये और मारपीट के साथ एक पत्रकार के सोने की चैन भी व्यापारियो द्वारा लूट ली गयी थी। जिसकी रिपोर्ट नगर मजिस्ट्रेट के कहने पर प्रेस वेलफेयर क्लब के महामंत्री अजय अग्रवाल की ओर से थाना कोतवाली में दर्ज करायी गयी, जिसमें व्यापारियों पर लूट का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस रिपोर्ट के दर्ज होने से बौखलाये व्यापारियों ने बसपा के दबाव में आकर मामला क्रास करने के लिये मुझ सहित 6 अन्य पत्रकारों पर झूठा रुपया मांगने का मुकदमा दर्ज कराया है। महोदय इसमें जो भी आरोप लगाये गए हैं वह आप समझ सकते हैं। नगर मजिस्ट्रेट के सामने ही व्यापारियों द्वारा मारपीट की गयी थी और व्यापारियों को नगर मजिस्ट्रेट ने पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया था, तो फिर व्यापारियों द्वारा यह आरोप लगाना कि पत्रकार रुपये मांग रहे हैं, जबकि उपरोक्त व्यापारी पुलिस के लाकअप में थे, कितना सत्य है आप अंदाजा लगा सकते हैं। अमित कुमार द्वारा जिस प्रकार आपको गलत तथ्यों से अवगत कराया गया है उसे आप मेरे द्वारा दर्ज रिपोर्ट जिसका मुकदमा संख्या 351/11 है, जबकि बसपा के दबाव में पत्रकारों पर दर्ज करायी गयी रिपोर्ट 352/11 है, जो कि हमारे बाद दर्ज हुई है।
मान्यवर मैं यह कहना चाहता हूं कि उक्त घटना के समय सबसे ज्यादा मारपीट अपने को बड़ा कहने वाले एक पत्रकार के कैमरामैन के साथ हुई थी और व्यापारियों ने उसे दौड़ा कर पीटा था। उक्त पत्रकार पर हुए हमले के बाद क्लब ने इसे पत्रकारों पर हमला मान कर लोहा लिया और थाने जाने के बाद उक्त पत्रकार, जिनका कैमरामैन पीटा था, डर गये और व्यापारियों के सामने घुटने टेक कर मामला सुलझा लिया, परन्तु क्लब के पत्रकार व्यापारियों के सामने झुके नहीं। रही बात पंकज बालियान की तो उसने तो एक गैंग चला रखा है और सहारनपुर के कई अनजान युवकों से काफी रुपया ले रखा है। महोदय गौरव सैनी भी ऐसा ही एक युवक है, जिसको पंकज बालियान ने ठगा है।
अब आप ही बताये, जिन पत्रकारों ने बिना व्यापार मण्डल से डरे पत्रकार के सम्मान के लिये अपने पर मुकदमा दर्ज कराया वह दलाल है या फिर वह जो अपने कैमरामैन की पिटाई का सौदा कर मामला सुलझा कर चले आये वो। मेरी आपसे विनती है कि इस अमित कुमार द्वारा जारी किया गया कमेन्ट शीघ्र हटा लें और सही जानकारी और तथ्यों से आम जनता को अवगत कराये।
आपका
अजय अग्रवाल
महामंत्री, प्रेस वेलफेयर क्लब
सहारनपुर
मोबाइल – 9368778401
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