हमार टीवी परिवार अपने एक सदस्य पर हुए हमले से अचंभित है। लखनऊ के हमार संवाददाता खालिद गौरी पर हुआ हमला दरअसल कलम पर बंदूक का वार दिखाता है। हमार टीवी प्रबंधन ने पहले गलतफहमी का शिकार हो के जिस व्यक्ति पर भरोसा किया था। उस चंद्र प्रकाश सिंह उर्फ सीपी सिंह नाम के व्यक्ति ने हिंसा के जरिए जवाब देने की कोशिश की। दरअसल इस हादसे में भड़ास4मीडिया की भी एक भूमिका है।
जब लखनऊ के सीपी सिंह हमार टीवी से जोड़े गए थे तब भड़ास4मीडिया ने ही अपनी जिम्मेदारी का परिचय देते हुए सीपी सिंह का कच्चा चिट्ठा उजागर किया था। जिसमें बताया गया था कि कैसे चंद्रप्रकाश सिंह उर्फ सीपी सिंह पर कई तरह के आपराधिक मामले दर्ज हैं। कब उन्हें फर्जी कमिश्नर बनकर घूमते हुए गिरफ्तार किया गया। उन्हें लाल बत्ती और अपने रुसूख का इतना शौक है कि उन्होंने दिल्ली स्थित अपने संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए एक सैटेलाईट चैनल की ब्यूरो चीफ की पदवी हासिल कर ली। खबर आने के बाद हमार टीवी प्रबंधन ने जांच की और पाया कि सीपी सिंह वाकई कई हथियारबंद लोगों के साथ घूमते हैं। कई तरह के गलत धंधों में उनका हाथ तो है ही वो खुलेआम सड़कों पर वसूली भी करते हुए चलते हैं। ऐसे में किसी भी मीडिया संस्थान को अपनी छवि की चिंता होनी लाजिमी है।
इसके बाद भड़ास4मीडिया की खबर पर कार्रवाई करते हुए चंद्र प्रकाश सिंह का अनुबंध हमार टीवी से रद्द कर दिया गया और जिला संवाददाताओं और मार्केटिंग अधिकारियों को उनसे संपर्क नहीं रखने का आदेश जारी कर दिया। इस बारे में हमार टीवी पर लगातार कई दिनों तक न्यूज स्क्रोल भी चलता रहा। इसके अलावा सीपी सिंह को बिना जांच के संस्थान में लाने में बड़ी भूमिका निभाने वाले पॉजिटिव मीडिया ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भी विदाई दे दी गई। पॉजिटिव मीडिया ग्रुप के चेयरमैन मतंग सिंह ने खुद पहल करके ये कदम उठाया। हमार टीवी के चैनल हेड अंशुमान आनंद ने सीपी सिंह से अनुबंध रद्द होने से संबंधित बयान भी प्रसारित किया। इस प्रकरण से बौखलाए सीपी सिंह ने लखनऊ में कार्यरत हमार टीवी की टीम पर हमला करके कायराना कदम उठाया है। इस बारे में हमार टीवी प्रबंधन समुचित कानूनी कार्रवाई कर रहा है। इसके अलावा बाकी के मीडिया संस्थानों से अपील भी जारी करता है कि सीपी सिंह जैसे पत्रकारिता को बदनाम करने वाले व्यक्ति को खुद से दूर रखके अपने दामन को दागदार होने से बचाएं। प्रेस रिलीज






