पंचकूला, हरियाणा। हरियाणा के एक और चैनल पर सरकार पर कहर बरपा है। इस बार ए-वन तहलका हरियाणा चैनल पर सरकारी कोड़ा चला है। कांग्रेस की गोहाना की शक्ति रैली की समीक्षा से नाराज सरकार ने प्रदेश के ज्यादातार जिलों में चैनल का प्रसारण बंद करवा दिया है। इस चैनल का मालिकाना हक ममता बनर्जी की टीएमसी पार्टी के नेता केडी सिंह के पास है, जो राज्यसभा सदस्य भी हैं। यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने किसी चैनल पर डंडा चलाया हो, पिछली बार जनता टीवी सरकारी गुस्से का शिकार हुआ था।
कांग्रेस ने दस नवंबर को गोहाना में हरियाणा शक्ति रैली का आयोजन किया। इस रैली को कामयाब बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी समेत पूरा सरकारी महकमा जुटा हुआ था। किसी प्रकार की कोर-कसर नहीं छोड़ी गई थी। मीडिया को भी पूरी तरह से मैनेज कर लिया गया था। दिल्ली और चंडीगढ़ के सो काल्ड बड़े-बड़े पत्रकार और चैनल इस रैली को कवरेज करने के लिए गोहाना पहुंचे थे। कई चैनलों ने तो रैली का लाइव कवरेज भी किया था। इस रैली को मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया था। रविवार को सभी चैनलों और सोमवार को सभी अखबार हुड्डामय नजर आए। रैली के आयोजकों की ओर से लाखों का आंकड़ा दिया गया। कोई 12 लाख तो कोई 14 लाख की भीड़ का दावा कर रहा है।
गोहाना रैली को लेकर कल सभी चैनल, खासकर हरियाणा के क्षेत्रीय चैनल अपने-अपने तरीके से समीक्षा कर रहे थे। इसमें पंचकूला से संचालित हो रहा ए-वन तहलका चैनल भी शामिल था। बस चैनल की यही समीक्षा हुड्डा साहब व उनके सलाहकारों को रास नहीं आई और उन्होंने तुरंत ही चैनल का हरियाणा में प्रसारण बंद करवाने के आदेश जारी करवा दिए। जैसे पहले होता रहा है, इस बार भी वैसा ही हुआ यानि चैनल बंद करवाने के लिए पुलिस का डंडा चला। सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने थाना और चौकी प्रभारी के जरिए अपने-अपने क्षेत्र में संचालित केबल आपरेटरों को ए-वन तहलका हरियाणा चैनल बंद कराने के आदेश दे दिए। पुलिस कर्मी केबल आपरेटरों के पास पहुंचे और आदेश की तुरंत तामील करने को कहा। बस फिर क्या था एक दम से ही लगभग पूरे हरियाणा में चैनल ब्लैक आउट हो गया। जानकारी तो यह भी मिली है कि हरियाणा पुलिस का एक दस्ता रविवार रात करीब 12 बजे ए-वन तहलका चैनल के पंचकूला स्थित मुख्यालय भी पहुंचा था। यह दस्ता चैनल बंद करवाना चाहता था। दरअसल उन्हें यह नहीं पता था कि यह चैनल का मुख्यालय है या फिर केबल आपरेटर का।
हरियाणा सरकार का यह तरीका काफी पुराना है। वह इससे पहले दिल्ली से प्रसारित हो रहे चैनल जनता टीवी को भी आंखें दिखा चुकी है। तब चैनल के मालिक को जंतर-मंतर पर जाकर विरोध दर्ज कराना पड़ा था। उसके बाद ही दोबारा चैनल का प्रसारण केबल आपरेटर के जरिए शुरू हो पाया था।
पंचकूला से दीपक खोखर की रिपोर्ट