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हरियाणा के पत्रकार संगठन ने प्रेस दिवस को रोष दिवस के रूप में मनाने की अपील की

सिरसा। हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के प्रदेश अध्यक्ष बलजीत सिंह ने प्रदेश भर के पत्रकारों से आहवान किया है कि 16 नवंबर (प्रेस दिवस) को रोष दिवस के रूप में मनाया जाए। ह्यूज नेता बलजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री पिछले लंबे समय से पत्रकारों की मांगों पर गौर करने का कोरा आश्वासन देते आ रहे हैं, लेकिन जब अमली जामा पहनाने की बात आती है तो अपने अधिकारियों पर छोड़ देते है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार हो रहे पत्रकारों पर हमले सरकार की नाकामी का प्रतीक हैं, इसलिए सरकार को मीडिया प्रोटैक्शन एक्ट बनाना चाहिए और पत्रकार पर हमले को संज्ञेय अपराध घोषित करना चाहिए।

सिरसा। हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के प्रदेश अध्यक्ष बलजीत सिंह ने प्रदेश भर के पत्रकारों से आहवान किया है कि 16 नवंबर (प्रेस दिवस) को रोष दिवस के रूप में मनाया जाए। ह्यूज नेता बलजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री पिछले लंबे समय से पत्रकारों की मांगों पर गौर करने का कोरा आश्वासन देते आ रहे हैं, लेकिन जब अमली जामा पहनाने की बात आती है तो अपने अधिकारियों पर छोड़ देते है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार हो रहे पत्रकारों पर हमले सरकार की नाकामी का प्रतीक हैं, इसलिए सरकार को मीडिया प्रोटैक्शन एक्ट बनाना चाहिए और पत्रकार पर हमले को संज्ञेय अपराध घोषित करना चाहिए।

लंबे समय से मीडिया आयोग बनाने की मांग पर भी मुख्यमंत्री चुप्पी साधे हुए हैं। बलजीत सिंह ने कहा कि हर वर्ष पत्रकारों को अवार्ड देने की घोषणा की गई थी। लेकिन पिछले 9 सालों में केवल एक बार ही अवार्ड दिए गए है। और तो और इन अवार्डों में मुख्यमंत्री महोदय के भाई स्वर्गीय राजेन्द्र हुड्डा के नाम पर भी अवार्ड था। मगर मुख्यमंत्री तो अपने भाई के नाम को भी भूल गए हैं।

पत्रकार नेता बलजीत सिंह ने अपनी मांगों को पुन: दोहराते हुए कहा कि पत्रकारों को अन्य राज्यों की तरह टोल टैक्स से छूट दी जाए, एक्रीडेशन प्रणाली सरल की जाए, हर जिले में मीडिया सेंटर बनाए जाएं और प्रदेश में पत्रकारिता विश्वविद्यालय की स्थापना की जाए। बलजीत सिंह ने कहा कि हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने यह निर्णय लिया है कि 16 नवंबर प्रैस दिवस को रोष दिवस के रूप में मनाया जाए और उस दिन रोषस्वरूप बैठकें आयोजित कर सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किए जाए और उपायुक्त के माध्यम से अपने मांग पत्र सरकार तक भेजे जाएं।

प्रेस विज्ञप्ति

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
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