सिरसा। फास्ट ट्रैक न्यायालय ने हरियाणा के गृहराज्यमंत्री गोपाल कांडा के 17 सहयोगियों को आयकर विभाग के अधिकारियों व मीडिया कर्मियों से मारपीट व दुर्व्यवहार करने के मामले में पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों को एक-एक हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर सभी दोषियों को दो-दो माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस दौरान एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
मामले के अनुसार तीन साल पहले 31 जनवरी 2008 को रानियां रोड स्थित कांडा बंधुओं के कार्यालय में आयकर विभाग के एडीआईटी मुंशी राम की टीम ने छापेमारी की थी। इस दौरान नवीन गर्ग, सुशील शर्मा पुत्र रामशरण शर्मा निवासी बेगू रोड, अमित पुत्र धनराज निवासी पुरानी हाऊसिंग बोर्ड कालोनी, सुशील सैनी पुत्र बीरबल राम सैनी निवासी गऊशाला मोहल्ला, मदन लाल जांगड़ा पुत्र कांशी राम निवासी मोहल्ला जंडवाला, भूप सैनी पुत्र सीताराम सैनी निवासी रामनगरिया, गुरदयाल उर्फ दयाला पुत्र इस्सर राम सैनी निवासी बरनाला रोड, सूरत सैनी पुत्र फूल चंद सैनी निवासी कीर्तिनगर, जरनैल सिंह पुत्र रामचन्द्र निवासी चत्तरगढ़ पट्टी, नरेश सैनी पुत्र श्याम सुंदर निवासी कीर्तिनगर, हरफूल पुत्र हरीश चन्द्र शर्मा निवासी रामकालोनी, प्रेम पुत्र देवीलाल सैनी निवासी रामनगरिया, कृष्ण लाल सैनी पुत्र सूरजा राम निवासी रामनगरिया, गुलाब चंद पुत्र गोपाल दास गुज्जर निवासी रानियां गेट, राजू उर्फ राजकुमार पुत्र लीलू राम सैनी निवासी रामनगरिया, शंकर लाल पुत्र राजकुमार अग्रवाल निवासी नोहरिया बाजार, मुकेश महाजन पुत्र सीताराम निवासी हिसारिया बाजार तथा जीतेन्द्र कुमार पुत्र प्रताप सिंह धानक निवासी चत्तरगढ़पट्टी ने अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मारपीट की। न्यायालय ने उक्त सभी को भारतीय दंड संहिता की धारा 332, 353, 186, 204 व 395 के तहत दोषी मानते हुए उपरोक्त सभा सुनाकर दंडित किया। इसमें जीतेंद्र कुमार की मौत हो चुकी है।
तारा बाबा कुटिया में की थी कर्मियों से मारपीट :रानियां रोड स्थित तारा बाबा कुटिया में 31 जनवरी 2008 को आयकर विभाग के एडीआईटी मुंशी राम की टीम ने छापेमारी की थी। छापेमारी की दौरान आयकर विभाग के कर्मचारियों के हाथ एक लैपटॉप लगा, जिसमें कांडा बंधुओं के व्यवसाय से संबंधित लेखा जोखा था। इसी छापेमार कार्रवाई के दौरान कार्यालय में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कांडा बंधुओं के व्यवसाय से संबंधित दस्तावेजों को छिपाने का प्रयास किया गया। इसी दौरान मीडियाकर्मी भी कांडा बंधुओं के कार्यालय जा पहुंचे तो कांडा बंधुओं के सहयोगियों ने आयकर विभाग के अधिकारियों व मीडियाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। पुलिस ने एडीआईटी मुंशी राम की शिकायत पर मामला दर्ज कर चालान पेश किया था। फास्ट ट्रैक न्यायालय के न्यायाधीश सुक्रमपाल ने अपने फैसले में आरोपियों को दोषी ठहराया।





