इलाहाबाद हाई कोर्ट के लखनऊ बेंच ने शासकीय अधिवक्ता को दस दिनों के अंदर कार्मिक और लोक शिकायत मंत्रालय, भारत सरकार से यूपी कैडर आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर द्वारा भेजे गए दो प्रत्यावेदनों पर निर्देश ले कर कोर्ट को अवगत कराने को कहा है.
जस्टिस उमा नाथ सिंह और जस्टिस महेंद्र दयाल की बेंच ने ठाकुर द्वारा वर्तमान में सरकारी कर्मियों पर लागू आचरण नियमावली और कार्य मूल्यांकन पद्धति में आवश्यक परिवर्तन किये जाने सम्बंधित सुझावों के बारे में मंत्रालय द्वारा कृत कार्यवाही बताने को आदेशित किया.
ठाकुर ने याचिका में निवेदन किया कि आचरण नियमावली में बदलाव कर सरकारी कर्मियों को मीडिया के जरिये अंदरूनी विभागीय भ्रष्टाचार, सरकारी पद के दुरुपयोग आदि के सम्बन्ध में अपनी बात कहने का अधिकार दिया जाए, जिस पर अभी पूरी तरह रोक है.
इसी प्रकार से यह भी निवेदन किया कि मौजूदा समय में लागू कार्य मूल्यांकन पद्धति, जिसमें प्रत्येक कर्मचारी का एसीआर मात्र उसके वरिष्ठ अधिकारी द्वारा लिखा जाता है, की जगह 360 डिग्री फीडबैक प्रणाली लागू किया जाए जिसमें कर्मचारी के साथी, अधीनस्थ आदि भी उसके कार्यों का मूल्यांकन करते हैं.






