इलाहाबाद : इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने टीवी चैनलों, समाचार पत्रों एवं मीडिया को एक्जिट पोल करने एवं इसका प्रसारण करने पर रोक लगा दी है और कहा है कि मीडिया 12 जनवरी 12 को जारी निर्वाचन आयोग की अधिसूचना का कड़ाई से पालन करें। न्यायालय ने एक्जिट पोल का प्रसारण करने वाले टीवी चैनल, स्टार न्यूज व सहारा न्यूज नेटवर्क को नोटिस जारी की है और स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न उनके विरुद्ध चुनाव आयोग की अधिसूचना का उल्लंघन करने पर कार्यवाही की जाय।
न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को भी निर्देश दिया है कि वह बताए कि उसने 12 जनवरी 12 की अधिसूचना का पालन करने के लिए क्या कदम उठाए हैं। न्यायालय ने राज्य सरकार व अन्य विपक्षीगण से दो सप्ताह में याचिका पर जवाब मांगा है और याचिका की अगली सुनवाई की तिथि 29 फरवरी नियत की है। यह आदेश न्यायमूर्ति अमर सरन तथा न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने अधिवक्ता सैयद मुहम्मद फजल की जनहित याचिका पर दिया है। याचिका पर सैयद मुहम्मद डी फजल व आयोग के अधिवक्ता भूपेंद्र नाथ सिंह ने पक्ष रखा। याची का कहना है कि भारत के निर्वाचन आयुक्त ने 12 जनवरी की अधिसूचना के जरिये एक्जिट पोल कराने तथा इसके प्रसारण पर प्रतिबंध लगा रखा है।
आयोग ने यह अधिसूचना जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126(ए)(1) के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारी का प्रयोग करते हुए जारी किया है। यह अधिसूचना उप्र, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड व गोवा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जारी किया है। याची का कहना है कि टीवी चैनल इस अधिसूचना का उल्लंघन करते हुए एक्जिट पोल परिणाम का प्रसारण कर रहे हैं जिन्हें रोका जाय। न्यायालय ने याचिका में उठाए गए मुद्दे को गंभीर माना और कहा कि प्रथम द़ष्टया मीडिया द्वारा एक्जिट पोल कराने व इसके प्रसारण पर रोक लगाया जाना चाहिए। साभार : जागरण






