अब ये पत्रकारों की गलती है या फिर एजेंसी की, कहा नहीं जा सकता. पर इन गलतियों से हिंदुस्तान और अमर उजाला का पाठक समुदाय असमंजस में है. उनको समझ में नहीं आ रहा है कि उनके प्रदेश का राज्यपाल सैयद अहमद हैं या फिर सिब्ते रजी. क्योंकि हिंदुस्तान और अमर उजाला ने अपने खबर में सिब्ते रजी को झारखंड का राज्यपाल बताया है जबकि वर्तमान में झारखंड के राज्यपाल सैयद अहमद हैं. सिब्ते रजी पूर्व में झारखंड के राज्यपाल रह चुके हैं.
इस गलती से दो तरह की गुजाइंश दिख रही है. पहला पत्रकार की अज्ञानता और दूसरा खबर लिखने वाले का मौके पर मौजूद न रहना. वैसे भी जस्टिस काटजू के पत्रकारों को तमाम विषयों की कम जानकारी होने के बयान पर भले ही पत्रकार नाराज होते हों, पर यह तथ्य सच के बहुत ज्यादा नजदीक है, ज्यादातर पत्रकारों को इस तरह की जानकारियों का अभाव होता है. यह गलती भी इसी कम जानकारी या अप टू डेट न रहने का परिणाम है. आप भी नीचे देखिए दोनों अखबारों में प्रकाशित खबर.








