हिन्दुस्तान, पटना के आज के यानि बुधवार 29 जनवरी 2014 के अंक में 'पटना लाइव' परिशिष्ट के 'पटनानामा' पेज पर एक शर्मनाक भूल हुई है। इसमें महत्व के साथ एक परिचर्चा छपी है- 'क्या आज कविता पाठकों से दूर हो रही है'। इस परिचर्चा की प्रस्तुति में कवि सत्यनाराण की फोटो के नीचे उऩका नाम 'नंदकिशोर नवल, वरिष्ठ समालोचक' लिख दिया गया है।
वरिष्ठ समालोचक नंदकिशोर नवल के फोटो के नीचे 'सुरेंद्र स्निग्ध' लिख दिया गया है… और सुरेंद्र स्निग्ध के फोटो के नीचे 'कवि सत्यनारायण' लिख दिया गया है। ये तीनों लेखक देश भर में ख्यातिप्राप्त हैं। इन्हें हर कोई पहचानता है, पर पेज संपादक से कैसे गलती हुई-कौन बताएगा? क्या साहित्य पेज देखने वाला इन लेखकों को पहचानता नहीं है या वह पेज ही नहीं देखता है ठीक से?
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






