Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

प्रिंट-टीवी...

हिंदुस्तान में तो यह खबर छप गई, दैनिक जागरण व अमर उजाला में नहीं, आखिर क्यों?

यशवंत जी नमस्कार , आज हिंदुस्तान बरेली में प्रष्ठ तीन पर एक खबर प्रकाशित हुई है 'जांच में फेल हुई किप्स की बर्फी '. ये खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्यूंकि 'किप्स ' बरेली शहर का एक बड़ा हलवाई ब्रांड है . इनकी दो या इससे अधिक मिष्टान्न की दुकाने हैं , एक बड़ी क़िराने  की दुकान है जिसे ये सुपर मार्केट  कहते हैं , अपने नाम का बिस्कुट नमकीन आदि भी बेचते हैं, कुल मिला के बड़े हलवाई हैं .

यशवंत जी नमस्कार , आज हिंदुस्तान बरेली में प्रष्ठ तीन पर एक खबर प्रकाशित हुई है 'जांच में फेल हुई किप्स की बर्फी '. ये खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्यूंकि 'किप्स ' बरेली शहर का एक बड़ा हलवाई ब्रांड है . इनकी दो या इससे अधिक मिष्टान्न की दुकाने हैं , एक बड़ी क़िराने  की दुकान है जिसे ये सुपर मार्केट  कहते हैं , अपने नाम का बिस्कुट नमकीन आदि भी बेचते हैं, कुल मिला के बड़े हलवाई हैं .

गत वर्ष नवम्बर में इनकी हलवाई की दूकान से सैम्पल भर लिया गए थे , अब उनकी रिपोर्ट आई है . रिपोर्ट कहती है के किप्स हलवाई अपने ग्राहकों को बर्फी पे एल्युमिनियम की वर्क लगा के बेचते / खिलाते हैं और झूठ बोलते हैं के वर्क चांदी की है . दूसरा इनकी बनाई बर्फी में सिंथेटिक रंग भी पाया गया . मतलब काम गैर कानूनी हैं बरेलीवासियों के विश्वास से छल कर रहे हैं किप्स हलवाई .

अब मसला ये है के उपरोक्त खबर हिंदुस्तान में तो छप गयी . दैनिक जागरण व अमर उजाला में नहीं छपी. शहर के इतने बड़े हलवाई की कारगुजारी की खबर और शहर के दो प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में न छपे इसके कारण मामूली नहीं हो सकते . कुछ तो है जिसकी पर्दादारी है .

खबर प्रमादवश छूट गयी या के किसी अन्य कारणवश नहीं छापी गयी…….गोया के खबर मैनेज कर ली गयी .  इस प्रकार खबरों का मैनेजमेंट भी 'पेड न्यूज़ ' का एक प्रकार है . जैसे के जिला स्तर पे जब कोई पत्रकार किसी स्वास्थ्य सम्बन्धी खबर में किसी डाक्टर का नाम डालता है तो इसका अर्थ है के उस डाक्टर के क्लीनिक / अस्पताल में उस पत्रकार को उत्तर प्रदेश मंत्री-मण्डल के 8 अप्रैल के फैसले के अनुरूप PGI सामान फ्री सुविधाएं मिलेंगी . इसी प्रकार यदि किसी खबर में जहां नाम आना चाहिए वहां नाम न डाला जाए इसका भी फल उपरोक्तानुसार होगा . कहने का अर्थ ये के पत्रकार का लिखा तो निष्फल होता ही नहीं उसका अन-लिखा भी निष्फल नहीं होता …….

मैं जानता हूँ ये एक ऐसा रोग है जो फिलहाल लाइलाज है. लेकिन ऐसे नंग-सहफियों का नाम उजागर होते रहना चाहिए ……..पता हो तो बताइएगा …..कौन हैं  और कितने में बिके ….एक लड्डू में या के एक किलो में या के…….

खबर संलग्न है…

एक आम पाठक हूं…..अपना नाम  ज़ाहिर करनें का इच्छुक नहीं. आप प्रकरण वेरीफाई करा लें.


भड़ास4मीडिया के पास भेजे गए एक पत्र पर आधारित.

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...