Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

हिंदुस्‍तान का विज्ञापन घोटाला उजागर करने वाले श्रीकृष्‍ण प्रसाद की आपबीती

मुंगेर। 200 करोड़ के दैनिक हिन्दुस्तान विज्ञापन फर्जीवाड़ा को पूरी दुनिया के समक्ष उजागर करने वाले शख्स आरटीआई एक्टिविस्ट, अधिवक्ता, पत्रकार और स्पोकन- इंगलिश के अध्‍यापक श्रीकृष्ण प्रसाद की लगभग तीस वर्षों की जिन्दगी मेसर्स हिन्दुस्तान टाइम्स लिमिटेड, नई दिल्ली के शोषण, जुल्म, आतंक और खूनी पंजों के प्रहार को झेलते-झेलते बीत गई। विगत वर्षों तक मुंगेर की चमत्कृत धरती का हर कोई शख्स एक ही बात दुहराता रहा – ‘कुछ नहीं होगा। कुछ नहीं होगा।‘ परन्तु, ईश्वर की अलौकिक ताकत से वह सब कुछ हो गया, जो पूरी दुनिया आज देख रही है और जो पूरे विश्व में कभी नहीं हुआ।

मुंगेर। 200 करोड़ के दैनिक हिन्दुस्तान विज्ञापन फर्जीवाड़ा को पूरी दुनिया के समक्ष उजागर करने वाले शख्स आरटीआई एक्टिविस्ट, अधिवक्ता, पत्रकार और स्पोकन- इंगलिश के अध्‍यापक श्रीकृष्ण प्रसाद की लगभग तीस वर्षों की जिन्दगी मेसर्स हिन्दुस्तान टाइम्स लिमिटेड, नई दिल्ली के शोषण, जुल्म, आतंक और खूनी पंजों के प्रहार को झेलते-झेलते बीत गई। विगत वर्षों तक मुंगेर की चमत्कृत धरती का हर कोई शख्स एक ही बात दुहराता रहा – ‘कुछ नहीं होगा। कुछ नहीं होगा।‘ परन्तु, ईश्वर की अलौकिक ताकत से वह सब कुछ हो गया, जो पूरी दुनिया आज देख रही है और जो पूरे विश्व में कभी नहीं हुआ।

पूरे विश्व में दूसरों के आर्थिक भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले दैनिक हिन्दुस्तान का आर्थिक भ्रष्टाचार आज पूरी दुनिया में उजागर हो गया। देश के इस शक्तिशाली प्रिंट मीडिया हाउस के शोषण, जुल्म, आतंक, उत्पीड़न और खूनी पंजों के प्रहार के यूं तो अनगिनत उदाहरण हैं। परन्तु आज इस कारपोरेट प्रिंट मीडिया के खूनी पंजों के प्रहार की एक घटना यहां प्रस्तुत की जा रही है। खुद श्रीकृष्‍ण प्रसाद की जुबानी।


कारपोरेट मीडिया का खूनी पंजा (एक)

मोबाइल की घंटी जब बज उठी : वर्ष 2008 का मई महीना। 14 तारीख की शाम। लगभग 8 बज रहे थे। एक मित्र ने मुझे मोबाइल पर सूचना दी कि दैनिक हिन्दुस्तान के प्रबंधन की ओर से फौजादारी मुकदमा मेरे विरुद्ध मुंगेर के पुलिस थाना में दर्ज होने जा रहा है। सूचक ने मुझे सतर्क हो जाने की हिदायत भी कर दी। मोबाइल पर सूचना आते ही मेरे परिवार के सभी सदस्य आतंकित हो गए। सभी लोग बैठकर विचार-विमर्श करने लगे कि आखिर अब और अभी रात में क्या करना चाहिए? सभी के निर्णय के अनुसार तुरंत रात में ही मुंगेर मुख्यालय के तात्कालीन पुलिस उपाधीक्षक को मैंने संभावित फर्जी मुकदमे के दर्ज होने की सूचना दे दी। पुलिस उपाधीक्षक ने मुझे विश्वास दिलाया कि ऐसा गंदा काम किसी कीमत पर मेरे क्षेत्र में कभी नहीं होगा। मेरी एसपी शालीन से उस रात बात नहीं हो सकी।

आखिर मुदकमा दर्ज हो ही गया। 16 मई, 2008 की शाम दैनिक हिन्दुस्तान के मुंगेर कार्यालय के पत्रकार अरूणेन्द्र कुमार पटेल, जो अब दिवंगत हो चुके हैं, ने मुझे मेरे विरूद्ध कासिम बाजार पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज होने की सूचना दी। परिवार में दहशत व्याप्त हो गया। सभी गिरफ्तारी के भय से कांपने लगे। उस समय मैं बीमार चल रहा था। सांस की तकलीफ, पेशाब की तकलीफ और दमे की तकलीफ पहले से ही सिर पर चढ़ी थी। अब जेल में रात काटने की संभावना खड़ी थी। परिवार में वृद्ध पिता काशी प्रसाद, माताश्री सावित्री देवी, पत्नी मीरा प्रसाद, पुत्र कर्ण कुमार और अन्य सदस्यों को भय सताने लगा कि यदि जेल जाने की मेरी स्थिति बनी, तो मेरी मौत बीमारी से निश्चित ही जेल में ही हो जायेगी!

मुकदमा क्या था? : मुंगेर शहर के कासिम बाजार थाना क्षेत्र के वेटवन बाजार, अड़गड़ा रोड निवासी अनुसूचित जाति की एक शादी-शुदा महिला ने पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी, जिसका कांड संख्या- 71/2008, दिनांक -16.05.2008 है, में मेरे विरूद्ध आरोप लगाया कि –‘‘15 मई, 2008 की शाम मेरे घर पर टेलीविजन पर समाचार दिखाने वाला पत्रकार श्रीकृष्ण प्रसाद पहुंचा। उसने मुझे अपने घर के नाला और पैखाना की सफाई के लिए मेहनताना पूछा। वह टेलीविजन का बहुत बड़ा पत्रकार अपने आप को बता रहा था। उसने यह भी कहा कि पुलिस उसकी मुठ्ठी में रहती है। पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती है। उसने अपना नाम श्रीकृष्ण प्रसाद बताया। उसने अखबार में भी समचार लिखने की बात कही। मैंने उनसे एक सौ पचास रुपया मेहनताना की मांग की। इसपर, उसने मेरा बाल पकड़ लिया, मुझे दो-तीन चांटा भी मारा और मुझे गंदी-गंदी गाली भी दी। जब मैंने हो-हल्ला किया, तो उसने मेरी छाती पकड़ ली। हो-हल्ला के बाद वह वहां से भाग खड़ा हो गया।‘‘ पुलिस ने मेरे विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराएं 448/323/504/354/341 के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया और अनुसंधान प्रारंभ कर दिया।

दैनिक अखबारों ने इसे सुर्खियों में छापा : मेसर्स हिन्दुस्तान टाइम्स लिमिटेड की अध्यक्ष श्रीमती शोभना भरतिया के इसारे पर दैनिक जागरण और दैनिक प्रभात खबर के चेयरमैन और प्रधान संपादकों के संयुक्त निर्देश पर मुंगेर मुख्यालय स्थित दैनिक हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और दैनिक प्रभात खबर कार्यालयों ने भी इस खबर को काफी बढ़ा-चढ़ा कर छापा। जब श्री प्रसाद ने तीनों अखबारों के कार्यालयों के ब्यूरो प्रमुखों से मिलकर एकतरफा खबर छापने पर आपत्ति प्रकट की तो तीनों अखबारों के ब्‍यूरो प्रमुखों ने ‘उपर के निर्देश हैं‘ कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। ‘हिन्दुस्तान‘, ‘जागरण‘ और ‘प्रभात खबर‘ संयुक्त रूप से कई दिनों तक मेरे विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी की खबरों को छापता रहा और मुझे घर से बाहर निकलने के लायक नहीं रख छोड़ा। इन परिस्थितियों से जूझते हुए मैंने आगे की अपनी जिन्दगी की गाड़ी किस प्रकार खींचीं, अगली किस्त का इंतजार करें?

मुंगेर से श्रीकृष्‍ण प्रसाद की रिपोर्ट. इनसे संपर्क मोबाइल नं. -09470400813 के जरिए किया जा सकता है.


हिंदुस्‍तान के इस विज्ञापन घोटाले के बारे में अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें – हिंदुस्‍तान का विज्ञापन घोटाला

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...