भागलपुर। बिहार के भागलपुर स्थित श्रम न्यायालय में देश के जाने-माने मीडिया हाउस मेसर्स हिन्दुस्तान टाइम्स लिमिटेड के विरुद्ध रेफरेन्स केस नं0-05।2008 में गवाहों की गवाही विधिवत शुरू हो गई। 3 और 10 फरवरी को इस मुकदमे में मुंगेर के सामाजिक कार्यकर्ता मन्टू शर्मा ने श्रम न्यायालय के न्यायाधीश सह पीठासीन अधिकारी अशोक कुमार पांडेय के समक्ष गवाही दी और मेसर्स हिन्दुस्तान टाइम्स के अधिवक्ता ने गवाह मन्टू शर्मा से क्रास-इग्जैमिनेशन किया।
न्यायाधीश के समक्ष मुंगेर के सामाजिक कार्यकर्ता मन्टू शर्मा ने बयान दिया कि मुंगेर के निवासी श्रीकृष्ण प्रसाद को वे जानते हैं। श्री प्रसाद दैनिक हिन्दुस्तान के निज संवाददाता के रूप में मुंगेर जिला मुख्यालय से वर्ष 1986 से काम करते थे। वे श्री प्रसाद को 1999-2000 और 2001 के दौरान और पूर्व सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी खबरें श्रीप्रसाद को दैनिक हिन्दुस्तान और अंग्रेजी दैनिक हिन्दुस्तान टाइम्स में प्रकाशन के लिए देते थे। उनके समाचार दैनिक हिन्दुस्तान में प्रमुखता से छपते थे।
न्यायाधीश के समक्ष श्री शर्मा ने आगे बयान किया है कि कामगार श्रीप्रसाद ने दैनिक हिन्दुस्तान में विभिन्न तिथियों को क्रमशः ‘पासवान प्रदेश में जंगल राज का खात्मा नहीं चाहते‘, ‘छात्र जदयू का 27 जुलाई को शिक्षण संस्थानों को बंद करने का आह्वान,‘ ‘निर्धारित लक्ष्य से आधे लोगों को भी ऋण नहीं मिला,‘ शीर्षकों से समाचार छापा। सभी प्रकाशित समाचार में जदयू के वरीय नेता के रूप में मेरा नाम मन्टू शर्मा भी प्रमुखता से छपा है। उन्होंने प्रकाशित समाचारों की छाया प्रतियां भी न्यायालय में पेश किया।
न्यायाधीश के समक्ष श्री शर्मा ने आगे बयान दिया कि वर्ष 2001 में दैनिक हिन्दुस्तान का कार्यालय चालू होने के बाद श्रीकृष्ण प्रसाद नियमित रूप से कार्यालय जाते थे, कार्यालय का दरवाजा खोलते थे और देर रात तक अखबार के लिए काम करते थे। अन्य लोग भी अपनी संस्थाओं की गतिविधियों का समाचार दैनिक हिन्दुस्तान और अंग्रेजी दैनिक हिन्दुस्तान टाइम्स में प्रकाशन हेतु श्री कृष्ण प्रसाद को देते थे। इससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि श्री प्रसाद हिन्दुस्तान कार्यालय में ब्यूरो प्रमुख के पद पर काम करते थे।
गौरतलब है कि यह मुकदमा मुंगेर के कामगार श्रीकृष्ण प्रसाद के दैनिक हिन्दुस्तान और अंग्रेजी दैनिक हिन्दुस्तान टाइम्स से सेवा-समाप्ति के मामले से जुड़ा है। बिहार सरकार ने औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 10 की उप-धारा (1-सी) के तहत श्रम विवाद को सरकार द्वारा गठित श्रम न्यायालय को न्याय न्यायार्थ निर्देशित किया है। श्रम न्यायालय में फैसला होना है कि ‘‘क्या दैनिक हिन्दुस्तान और हिन्दुस्तान टाइम्स क्रे संपादक के द्वारा कामगार श्रीकृष्ण प्रसाद की सेवा समाप्ति न्यायोचित है? अगर नहीं, तो वे किस सहाय्य के हकदार हैं?‘‘
मुंगेर से एसके प्रसाद की रिपोर्ट. इनसे संपर्क 09470400813 के जरिए किया जा सकता है.






