हिन्दुस्तान ने देश के अग्रणी अखबारों में अपनी दूसरे नंबर की पोजीशन को 44 लाख नए पाठकों के इजाफे के साथ और मजबूती प्रदान की है। आईआरएस क्यू3 2011 के नवीनतम दौर के परिणाम के मुताबिक हिन्दुस्तान ने अपनी तेज बढ़त बरकरार रखी है। गत वर्ष आईआरएस क्यू3 2010 की तुलना में हिन्दुस्तान के पाठकों की संख्या 44 लाख बढ़कर 3.75 करोड़ हो गई है।
पांच राज्यों से प्रकाशित, 133 सब-एडीशन वाला हिन्दुस्तान पिछले तीन वर्षो से लगातार पाठकों का विश्वास जीतने में सफल रहा है। सर्वे के पिछले सभी 10 दौर में हिन्दुस्तान की पाठक संख्या में वृद्धि दर्ज की गई, जिससे यह सबसे ज्यादा पाठक जोड़ने वाला देश का तेजी से बढ़ता अखबार बन गया है। यह वृद्धि उत्तर प्रदेश में हिन्दुस्तान के तेजी से किए गए विस्तार का परिणाम है। हिन्दुस्तान ने बीते तीन वर्षो में यूपी में छह नए संस्करण लांच किए और पिछले एक साल में 27 लाख नए पाठक जोड़े। दिसंबर 2011 में अलीगढ़ संस्करण के लांच और वर्ष 2012 में लांच किए जाने वाले मुरादाबाद संस्करण के साथ हिन्दुस्तान की पाठक संख्या में लगातार वृद्धि होने की पूरी संभावना है।
हिन्दुस्तान ने बिहार में अपनी स्थिति और मजबूत की है। पिछले एक साल में इसकी दैनिक पाठक संख्या में 8.5 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। राज्य की कुल रीडरशिप में इसकी 84 प्रतिशत हिस्सेदारी है जो किसी भी राज्य में किसी दैनिक को मिलने वाली रीडरशिप में सबसे ज्यादा है। इसके चलते हिन्दुस्तान तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में पाठकों तक पहुंचने का एकमात्र मीडिया विकल्प बन गया है।
झारखंड में हिन्दुस्तान की रीडरशिप की हिस्सेदारी 68 प्रतिशत है, जो इसे यहां अविवादित नेतृत्व प्रदान करती है। यहां हिन्दुस्तान ने पिछले एक साल में 5 लाख से ज्यादा पाठक जोड़े हैं। इससे यह अपने निकटतम प्रतियोगी से 20.5 लाख पाठक आगे हो गया है। दिल्ली में हिन्दुस्तान 20.6 लाख पाठकों के साथ मजबूती के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है। एआईआर में रीडरशिप में वृद्धि के मामले में भी हिन्दुस्तान देश (शीर्ष 10 दैनिकों में) का सबसे तेजी से बढ़ता अखबार है। आईआरएस के नवीनतम दौर के मुताबिक हिन्दुस्तान की औसत अंक पाठक संख्या 1.20 करोड़ है, जो पिछले साल की तुलना में 12 लाख ज्यादा है। साभार : हिंदुस्तान






