हिंदुस्तान, बनारस से खबर है कि बृजेश सिंह की खबर छापने के मामले में ज्वाइंट एनई अनिल मिश्रा को फिर से जीवनदान दे दिया गया है. सूत्र बता रहे हैं कि इसमें रतन सिंह को नापने की तैयारी कर ली गई है. चंदौली के ब्यूरोचीफ अनूप कर्णवाल का वनवास भी खतम कर दिया गया है. खबर है कि आलोक भी काम पर लौट आए हैं. उल्लेखनीय है कि माफिया सरगना बृजेश सिंह की खबर को तानकर छापने तथा पेड न्यूज की तरह छापने पर प्रबंधन ने जेएनई अनिल मिश्रा, सिटी चीफ रतन सिंह, सब एडिटर आलोक राय तथा चंदौली के ब्यूरोचीफ अनूप कर्णवाल को फोर्स लीव पर भेज दिया था.
इस मामले में स्थानीय संपादक अनिल भास्कर से रिपोर्ट मांगी गई थी. बताया जा रहा है कि नवीन जोशी ने अनिल भास्कर की रिपोर्ट खारिज कर दी है. शुक्रवार को अनिल मिश्रा तथा रतन सिंह को नवीन जोशी ने तलब किया था. बताया जा रहा है कि नवीन जोशी ने अपने खास अनिल मिश्रा को जीवनदान दे दिया है. वहीं रतन सिंह के बारे में बताया जा रहा है कि उन्हें कुछ और देख लेने का फरमान सुनाया गया है. अनूप एवं आलोक के बारे में बताया जा रहा है कि उन लोगों की कम गलती को देखते हुए बख्श दिया गया है. गौरतलब है कि इस खबर में छपने में सबसे ज्यादा भूमिका अनिल मिश्रा की सामने आई थी और रतन सिंह डाक के इंचार्ज भी नहीं थे, परन्तु अपने चहेते को बचाने के लिए नवीन जोशी ने रतन सिंह को बलि का बकरा बनाने की तैयारी कर ली है.






