यशवंतजी, अक्टूबर 2009 में जब हिंदुस्तान, बरेली लांच हुआ था तो बुकिंग के कारण उसका सर्कुलेशन 90 हजार कापियों से शुरू हुआ था. संपादक अनिल भास्कर के स्थान पर जब अमर उजाला से केके उपाध्याय ने हिंदुस्तान ज्वाइन किया तो उनके साथ अमर उजाला की बड़ी टीम भी आ गई. और सर्कुलेशन बढ़कर एक लाख 18 हजार को पार कर गया. इसमें बरेली सिटी में तो 54 हजार का रिकार्ड बना.
फरवरी 2011 में केके उपाध्याय प्रमोशन पर आगरा चले गए और दैनिक भास्कर, अजमेर से अपने पुराने शिष्य आशीष व्यास को लाकर बरेली का संपादक बना दिया. उसी दिन से बरेली में हिंदुस्तान की उल्टी गिनती शुरू हो गई. यहां तक की सिटी इंचार्ज डीएनई संजीव द्विवेदी ने भी इस्तीफा दे दिया. अब हालात यह है कि आशीष व्यास के एक साल के कार्यकाल में बरेली संस्करण का सर्कुलेशन घटकर मात्र 58 हजार रह गया है. उसमें सिटी का सर्कुलेशन मात्र 31 हजार रह गया है. खबरें रिपीट हो रही हैं और पुरानी खबरें फेरबदल के साथ छापी जा रही हैं.
आपको बता दूं कि फतेहपुर के फोटो तक बरेली में बाइलाइन छापे जा रहे हैं. तीन महीने बाद भी नया सिटी इंचार्ज नहीं नियुक्त किया जा सका है. एनई का हस्तक्षेप भी सिटी में अनावश्यक बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते सिटी की टीम परेशान तो है ही, डेस्क वाले भी बहुत परेशान हैं. सर्कुलेशन को और गिरने से रोकने के लिए हिंदुस्तान ने अब संडे टू संडे प्राइज स्कीम शुरू की है, जिसमें हर संडे को बाइक और वाशिंग मशीन जैसे गिफ्ट दिए जा रहे हैं. संपादकीय टीम सर्कुलेशन गिरने का कारण योगेंद्र सिंह के तबादले के बाद आए नए प्रसार मैनेजर पराग शर्मा की नीतियों को बता रहे हैं.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






