: कानाफूसी : यशवंतजी, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के पूर्व चेयरमैन केतन देसाई के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल किया है, जिस पर 21 जुलाई को सभी आरोपियों को तलब किया गया है. मामला बरेली के एसआरएमएस मेडिकल कालेज और रुहेलखंड मेडिकल कालेज में हुए घपले को लेकर है. पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रामदास भी इसमें शक के दायरे में हैं. मामला सीबीआई का है इसलिए खबर लखनऊ से जारी हुई.
लखनऊ डेटलाइन से जारी इस खबर को अमर उजाला ने अपने 23 और 24 जून के अंक में इस खबर को पेज वन पर प्रमुखता से छापा है. दैनिक जागरण ने अंदर के पेज पर लीड के रूप में 23 और 24 जून को खबर दी. नए नजरिए की बात करने वाले हिंदुस्तान में खेल हो गया. हिंदुस्तान में 23 जून को खबर छपी डीसी कॉलम में उसमें भी मेडिकल कॉलेज का नाम नहीं था. सीबीआई चार्जशीट में दोनों कालेज के चेयरमैन और निदेशक का भी नाम है. हिंदुस्तान ने कोई नाम नहीं दिया, जबकि अमर उजाला और दैनिक जागरण ने नाम प्रकाशित किया. 24 जून को हिंदुस्तान ने कोई न्यूज ही नहीं छापी.
इसके बाद से ही बरेली में चर्चा है कि सीबीआई खबर दबाने के लिए हिंदुस्तान में दोनों मेडिकल कॉलेज से पांच-पांच लाख रुपये लिए गए. पैसे लेने में एडिटोरियल विभाग के एक बड़े पत्रकार का नाम आ रहा है. चर्चा है कि यह डील मार्केटिंग के एक बंदे ने कराई. पैसे में हिस्सा नहीं मिलने पर बीट रिपोर्टर ने भांडा फोड़ दिया तब हंगामा शुरू हुआ. नए आए यूनिट हेड ने मामला ऊपर तक पहुंचा दिया है. खबर है कि मामले की छानीबीन होने जा रही है.
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






