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हिंदुस्‍तान विज्ञापन घोटाला : संसद सत्र में मामले को उठाने की मांग

 

: सुप्रीम कोर्ट से भी संज्ञान लेने की प्रार्थना  : मुंगेर। विश्व की संभवतः पहली आपराधिक घटना है जिसमें भारत की सबसे शक्तिशाली मीडिया हाउस ‘‘मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड’’, जो पूर्व में ‘मेसर्स हिन्दुस्तान टाइम्स लिमिटेड’ और ‘मेसर्स एचटी मीडिया लिमिटेड’के नाम से जाना जाता था, के विरूद्ध जालसाजी और धोखाधड़ी से केन्द्र और राज्य सरकारों को सरकारी विज्ञापन प्रकाशन मद में लगभग दो सौ करोड़ रुपए के चूना लगाने का आरोप लगाया गया है।

 

: सुप्रीम कोर्ट से भी संज्ञान लेने की प्रार्थना  : मुंगेर। विश्व की संभवतः पहली आपराधिक घटना है जिसमें भारत की सबसे शक्तिशाली मीडिया हाउस ‘‘मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड’’, जो पूर्व में ‘मेसर्स हिन्दुस्तान टाइम्स लिमिटेड’ और ‘मेसर्स एचटी मीडिया लिमिटेड’के नाम से जाना जाता था, के विरूद्ध जालसाजी और धोखाधड़ी से केन्द्र और राज्य सरकारों को सरकारी विज्ञापन प्रकाशन मद में लगभग दो सौ करोड़ रुपए के चूना लगाने का आरोप लगाया गया है।
 
इस मुकदमे से जुड़ी पुलिस प्राथमिकी (मुंगेर कोतवाली कांड संख्या-445/2011, दिनांक 18 नवंबर, 2011। में पुलिस उपाधीक्षक (मुंगेर) अरूण कुमार पंचालर ने जो पर्यवेक्षण-टिप्पणी भारतीय दंड संहिता की धारा ए 420/471/476 और प्रेस एण्ड रजिस्ट्रेशन आफ बुक्स एक्ट् -1867 की धाराएं 8(बी), 14/15 के तहत समर्पित की है, वह ‘पर्यवेक्षण रिपोर्ट’ यहां हू-बहू प्रस्तुत की जा रही है। पर्यवेक्षण -टिप्पणी में पुलिस उपाधीक्षक ने अपना मंतव्य देते हुए लिखा है –‘‘अनुसंधान और पर्यवेक्षण के क्रम में आए तथ्यों/ प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर ‘प्रथम दृष्टया’यह कांड ‘सत्य’ प्रतीत होता है।’’ स्मरण रहे कि यह मीडिया हाउस भारत के अनेक प्रांतों में ‘हिन्दुस्तान’ के नाम से हिन्दी दैनिक अखबार का मुद्रण, प्रकाशन और वितरण करता है।
 
पुलिस उपाधीक्षक, मुंगेर की पर्यवेक्षण-टिप्पणी ने न केवल दैनिक ‘हिन्दुस्तान’ के फर्जीवाड़ा में दशकों से चल रहे जालसाजी और धोखाधड़ी के खेल को नंगा किया है, वरन यह भी उजागर कर दिया है कि देश का अन्य कारपोरेट प्रिंट मीडिया जैसे दैनिक जागरण और अन्य हिन्दी और अंग्रेजी के प्रतिष्ठित अखबार भी दैनिक हिन्दुस्तान की तर्ज पर सरकरी विज्ञापन प्रकाशन -मद में सरकारी राजस्व की लूट अरबों और खरबों में करते आ रहे हैं। पुलिस उपाधीक्षक की पर्यवेक्षण टिप्पणी ने कारपोरेट प्रिंट मीडिया की जालसाजी और धोखाधड़ी की बारीकियों को भी दुनिया में उजागर कर दिया है। कोरपोरेट प्रिंट मीडिया की जालसाजी की ये बारीकियां देश के मीडिया हाउस के असली चेहरे को उजागर कर रही है।
 
सांसदों और विधायकों से अपील : माननीय सांसदों और बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली और अन्य प्रदेशों के माननीय विधायकों से अपील है कि सभी माननीय गंभीरता से ‘पर्यवेक्षण-टिप्पणी’ को पढ़े और अध्ययन करें और देश हित में इस मामले को आनेवाले लोक सभा और विधान सभा के सत्रों में सदन के पटल पर रखें और सरकार से पूरे प्रकरण मे ‘संसदीय जांच कमिटी’, ‘विधान सभा की जांच कमिटी’ या ‘सीबीआई जांच’ की मांग करें और मीडिया जगत के आर्थिक अपराधियों को सजा दिलाने की दिशा में ठोस कार्रवाई की पहल करें।
 
यह विदित हो कि मुंगेर में पुलिस थाने में दैनिक हिन्दुस्तान के विज्ञापन फर्जीवाड़ा के संबंध में दर्ज प्राथमिकी एक जिले के फर्जीवाड़ा से जुड़ा है जबकि दैनिक हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अन्य अखबार बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और अन्य प्रांतों में हरेक जिले में ऐसा विज्ञापन फर्जीवाड़ा का धंधा दशकों से चला रहा है और इस फर्जीवाड़े के सारे साक्ष्य देश के सभी जिलों के जिला जनसम्पर्क विभाग के कार्यालयों में उपलब्ध है। विज्ञापन फर्जीवाड़ा देश व्यापी है और माननीय सांसदों को अब इस मामले में अपनी चुप्पी तोड़ देनी चाहिए।
 
सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों से अपील : हम देश के सर्वोच्च न्यायालय के माननीय प्रधान न्यायाधीश और संबंधित राज्यों के उच्च न्यायालयों के माननीय मुख्य न्यायाधीशों से भी प्रार्थना करते हैं कि सर्वोच्च न्यायालय और संबंधित राज्यों के उच्च न्यायालय मीडिया के सरकारी विज्ञापन फर्जीवाड़ा के मामले में स्वतः संज्ञान लें और पूरे देश में एक साथ सरकारी विज्ञापन फर्जीवाड़ा की सीबीआई जांच का मानिटरिंग करें तभी इस शक्तिशाली मीडिया हाउस से जुड़े लोगों को सजा दिलाई जा सकती है अन्यथा इस मीडिया हाउस सीबीआई जांच का आदेश ही नहीं होने देंगे।
 
पुलिस उपाधीक्षक, मुंगेर की सनसनीखेज ‘पर्यवेक्षण-टिप्पणी’ आज से क्रमवार यहां हू-ब-हू प्रस्तुत की जा रही है-
 
पुलिस उपाधीक्षक, मुंगेर एके पंचालर ने पर्यवेक्षण टिप्पणी में लिखा है कि इस कांड का पर्यवेक्षण 05 अप्रैल, 2012, 17 अप्रैल, 2012, 19 अप्रैल, 2012 और अन्य तिथियों को पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष सनाउल्लाह खां, कोतवाली और अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक पवन कुमार के समक्ष किया गया।
 
पुलिस उपाधीक्षक ने पर्यवेक्षण टिप्पणी में लिखा है —‘‘यह कांड वादी मंटू शर्मा पे0 स्व0 गणेश शर्मा, साकीन-पुरानीगंज, थाना-कासिम बाजार, जिला-मुंगेर के कोर्ट परिवाद-पत्र संख्या-993 (सी) 2011 के आधार पर प्रा0 अभियुक्त (01) शोभना भारतीया, अध्यक्ष, हिन्दुस्तान प्रकाशन समूह (दी हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड), प्रधान कार्यालय 16-20, कस्तूरबा गांधी मार्ग, नई 

श्रीकृष्ण प्रसाद

दिल्ली, (02) शशि शेखर, प्रधान संपादक, हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड, समाचार-पत्र समूह, नई दिल्ली, (03) अकु श्रीवास्तव, कार्यकारी संपादक, पटना संस्करण, (04) बिनोद बंधु, उप-स्थानीय संपादक, भागलपुर संस्करण एवं (05) अमित चोपड़ा, मुद्रक एवं प्रकाशक, मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड, लोअर नाथनगर रोड, परबत्ती, भागलपुर के विरुद्ध छल से प्रेस एण्ड रजिस्ट्रेशन आफ बुक्स एक्ट -1867 की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन करते हुए गलत पंजीयन संख्या अंकित करते हुए भागलपुर और मुंगेर से समाचार -पत्र का मुद्रण एवं प्रकाशन करने तथा फर्जी कागजात प्रस्तुत कर समाचार-पत्र में प्रकाशित करने हेतु राज्य सरकार और केन्द्र सरकार से विज्ञापन प्राप्त कर करोड़ों रुपया विज्ञापन मद में प्राप्त कर लेने के आरोप में अंकित किया गया है।
 
जारी….
 

मुंगेर से श्रीकृष्‍ण प्रसाद की रिपोर्ट. इनसे संपर्क मोबाइल नम्‍बर 09470400813 के जरिए किया जा सकता है.


 
हिंदुस्‍तान के विज्ञापन घोटाले के बारे में और जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं- हिंदुस्‍तान का विज्ञापन घोटाला
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