सेवा में, श्रीमान संपादक महोदय, भड़ास मीडिया। महोदय, निवदेन के साथ कहना है कि ‘हिन्दुस्तान‘ अखबार के हरदोई कार्यालय में संवाददाताओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है, जिसके कारण कई संवाददाताओं को अखबार से अलविदा होना पड़ा। यह बात अलग है कि किसी को खदेड़ा गया तो किसी के सामने बाहर जाने के हालात पैदा कर दिए गए। यह सिर्फ हरदोई कार्यालय में ही नहीं बल्कि कस्बाई पत्रकारों पर भी रौब दिखाकर कई लोगों को अखबार से हटाने का प्रयास जारी है।
छोटे-छोटे स्टेशन खोलकर जगह-जगह पत्रकार बनाने का फंडा अखबार की सप्लाई और विज्ञापन वसूली बढ़ाने के लिए अपनाया जा रहा है। जिले के कई हिन्दुस्तान संवाददाता कुण्ठा ग्रस्त हैं। हरदोई ब्यूरोचीफ अजय शुक्ला के जाने के बाद यहां पर कार्यालय प्रभारी तारिक इकबाल को बनाया गया। तारिक इकबाल के रवैये से रजनीकान्त पटेल संवाददाता माधौगंज, वासुदेव तिवारी व संजय सिंह कार्यालय संवाददाता को ‘हिन्दुस्तान‘ अखबार से रूखसत होना पड़ा।
अजय शुक्ला के आने पर अखबार से गए मोहम्मद खालिद को फिर से कार्यालय से जोड़ लिया गया। कई और भी पत्रकार हैं जिनकी अभी तब्दीली होने के कयास लगाए जा रहे हैं। कई संवाददाताओं ने इस बार में संपादक दिनेश पाठक से बात की फिर भी नतीजा हल नहीं होते दिखा, जिससे हालात दिन पर दिन बद से बदतर होते जा रहे हैं।
अखबार कर रहा शोषण : हिन्दुस्तान कस्बाई पत्रकारों का खून चूस रहा है। हरामखोरी में खबर लेने के बाद भी पत्रकारों पर रूतबेबाजी की जा रही है। आश्वसान की लाली पाप देकर उनसे समाचार, अखबार की बिक्री और विज्ञापन पाकर जिले का टारगेट पूरा करने में जुटा है। हरदोई में कृषि मेला लगाने को लेकर लोगों से खूब विज्ञापन वसूला और अब ठण्डे हो गए। विज्ञापनदाता मन ही मन अखबार को कोस रहे हैं।
अमर उजाला ज्वाइन किया : हिन्दुस्तान कार्यालय प्रभारी की तानाशाही के चलते हरदोई शिक्षा विभाग के संवाददाता रहे संजय सिंह अमर उजाला में चले गए। जिन्हें अमर उजाला ने सण्डीला तहसील का कार्यालय प्रभारी बनाया है। इस समाचार को पोर्टल पर प्रकाशित करने का कष्ट करें। हमारा नाम प्रकाशित न करें।
धन्यवाद।
एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र.






