देश के सुप्रसिद्ध पत्रकार एन राम अब द हिंदू प्रकाशन समूह के प्रधान संपादक के रूप में काम नहीं करेंगे. गुरुवार यानी आज से उनकी जगह सिद्धार्थ वरदराजन द हिंदू प्रकाशन समूह के प्रधान संपादक का पद संभालेंगे. द हिंदू प्रकाशन समूह के मालिक एन राम के पद छोड़ने की खबरें पिछले साल से ही हवा में तैर रही थीं, लेकिन सबसे बड़ा संकट नये प्रधान संपादक के चयन का था. इसको लेकर काफी गहमागहमी थी. एन राम के चचेरे भाई एन रवि भी इस पद के दावेदार थे, लेकिन एन राम यह पद सिद्धार्थ को सौंपना चाह रहे थे.
इसको लेकर विवाद होने की दशा में समूह के निदेशकों की बैठक में सिद्धार्थ वरदराजन के नाम का चयन किया गया. निदेशकों की बैठक में 12 में से 7 सदस्यों ने एन राम के चयन पर मुहर लगाई. उसके बाद एन रवि ने एन राम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. एन रवि का आरोप था कि सिद्धार्थ का चयन करके एन राम रिटायरमेंट के बाद भी ग्रुप पर अपना कब्जा जमाये रखना चाह रहे हैं. वे परिवार की 132 साल पुरानी परंपरा को तोड़ रहे हैं. रवि और उनके समर्थकों ने एन राम पर और भी कई गंभीर आरोप लगाये. रवि ने यहां तक कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम के आरोपी तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए राजा से विज्ञापन लेकर एन राम ने उनका इंटरव्यू प्रकाशित किया.
इस मामले में एन राम को सफाई देने के लिए सार्वजनिक तौर पर आना पड़ा. उन्होंने इस मामले को स्पष्ट करते हुए कहा कि राजा का विज्ञापन सभी अखबारों में प्रकाशित हुआ था और एक ही दिन इंटरव्यू और विज्ञापन का प्रकाशन होना महज एक संयोग था ना कि कोई सोची समझी रणनीति. सिद्धार्थ वरदराजन के प्रधान संपादक बनने के साथ ही द हिंदू प्रकाशन समूह से एन राम ने अपनी विदाई की घोषणा कर दी है लेकिन माना जा रहा है कि उनके भाई एन रवि और उनके समर्थक इस मामले में आसानी से हार नहीं मानेंगे. हिंदू प्रकाशन समूह के द हिंदू अखबार के अलावा फ्रंटलाइन, बिजनेस लाइन और स्पोर्ट्स स्टार जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशन हैं.






