हिंद-युग्म विगत छः वर्षों से इंटरनेट के माध्यम से हिंदी भाषा-साहित्य का प्रचार-प्रसार कर रहा है। समय-समय पर हिंद-युग्म ने अपनी यात्रा में कई मील के पत्थर गाड़े हैं। 2008 से हिंद-युग्म नई दिल्ली में आयोजित होने वाले विश्व पुस्तक मेला में भी शिरकत करता रहा है। 2010 के विश्व पुस्तक मेला से हिंद-युग्म ने अपने प्रकाशन की शुरुआत की थी जो कि अब बहुत विस्तार पा चुका है। हिंद-युग्म से प्रत्येक माह कई सारी पुस्तकें प्रकाशित होती हैं। हिंद-युग्म अपनी प्रकाशन की गुणवत्ता के लिए भी विख्यात है।
यह लगभग सभी को पता है कि 20वाँ विश्व पुस्तक मेला नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 25 फरवरी से 4 मार्च 2012 के दरम्यान लग रहा है। यहाँ हिंद-युग्म का अपना स्टॉल भी है (हॉल नं 11 में स्टॉल नं 59)। प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी हिंद-युग्म साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजित कर रहा है। हिंद-युग्म 27 फरवरी 2012 को विश्व पुस्तक मेला में एक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है जिसमें हिंद-युग्म से प्रकाशित नवीनतम पुस्तकों का विमोचन होगा तथा इंटरनेट माध्यम के बरक्स पुस्तकों की उपादेयता पर संगोष्ठी होगी। हिंद-युग्म ने इस कार्यक्रम को 'ब्लॉगर मेला' का नाम दिया है।
कार्यक्रम की संक्षिप्त रूपरेखाः
पुस्तकों का लोकार्पण
जुगलबंदी (युगल काव्य-संग्रह, कवि-दंपति- विजेंद्र एस विज, संगीता मनराल)
क्षितिजा (कविता-संग्रह, कवयित्री- अंजु अनु चौधरी)
दर्द की महक (कविता-संग्रह, कवयित्री- हरकीरत हीर)
शब्दों की तलाश में (कविता-संग्रह, कवि- मुकेश कुमार तिवारी)
आमंत्रित अतिथिः
यशवंत सिंह, प्रख्यात ब्लॉगर एवं भड़ास फॉर मीडिया डॉट के संपादक
इमरोज, प्रख्यात चित्रकार
उद्भ्रांत, प्रख्यात साहित्यकार
रामकुमार कृषक, वरिष्ठ कवि एवं जनवादी पत्रिका 'अलाव' के संपादक
विजय शंकर, वरिष्ठ कवि-लेखक एवं 'क' पत्रिका के संपादक
विचार-बिंदु- ब्लॉग के बरक्स पुस्तकें
स्थानः सम्मेलन कक्ष (Conference Room No.) 2, हॉल नं- 6, पहली मंजिल
20वाँ विश्व पुस्तक मेला, प्रगति मैदान, नई दिल्ली (यह हॉल गेट नं 2 के नजदीक है, इसके सामने ही भैरव मंदिर मार्ग वाली पार्किंग है)
समयः शाम 5:00 बजे से 8 बजे तक
दिनांकः 27 फरवरी 2012
प्रेस विज्ञप्ति





