आपने 'हिन्दुस्तान' अखबार पढ़ा कि नहीं? हिन्दुस्तान अखबार ने पप्पू की चमचागिरी में पत्रकारिता की अर्थी निकाल दी है। राहुल गांधी द्वारा सांसदों-विधायकों को संरक्षण देने वाले अध्यादेश के खिलाफ व्यक्त किये गये बयानों पर हिन्दुस्तान अखबार ने कल एक पेज विशेष तौर पर दिया है और संपादकीय भी लिखा है जिसमें राहुल गांधी की चमचागिरी की हद हुई है। इसके पूर्व कई विपक्षी नेता अध्यादेश के खिलाफ बोले पर हिन्दुस्तान ने न तो विशेष संपादकीय लिखा और न ही कोई विशेष पेज निकाला।
हिन्दुस्तान अखबार की मालकिन शोभना भरतिया कांग्रेस से सांसद हैं। उसके वैध-अवैध कारोबार का सोशल आडिट होना चाहिए। शोभना भरतिया बिड़ला परिवार की सदस्य हैं। बिड़ला परिवार की कई औद्योगिक इंकाइयां हैं। व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं जहां पर कई प्रकार के शोषण होते हैं। सरकारी टैक्स की चोरी होती है। कांग्रेस बिड़ला परिवार पर हमेशा मेहरबान होती है।
मेरा मानना है कि राहुल गांधी के चमचागिरी के खिलाफ विपक्षी नेताओं को हिन्दुस्तान अखबार और हिन्दुस्तान अखबार की मालिक शोभना भरतिया और संपादक शशि शेखर चतुर्वेंदी के खिलाफ नोटिस लेना चाहिए और बिड़ला परिवार की औद्योगिक ईकाइयों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाने और सरकारी राजस्व के नुकसान पहुंचाने, पर्यावरण के विध्वंस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। तभी हिन्दुस्तान अखबार का राहुल गांधी की चमचागिरी बंद होगी, पत्रकारिता की मूल्यों की रक्षा हो सकती है। आप भी हिन्दुस्तान की मालकिन शोभना भरतीया और संपादक शशि शेखर चतुर्वेदी को फोन कर पत्रकारिता और निष्पक्षता का पाठ पढा सकते हैं।
लेखक विष्णु गुप्त दक्षिणपंथी विचारधारा के स्तंभकार और टिप्पणीकार हैं.






