बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) : जुखाला के पत्रकार अभिषेक मिश्रा और कैमरामैन चैतन्य शर्मा को बीते दिनों पुलिस ने साल भर पुराने मामले में एकतरफा कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया. पिछले वर्ष युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के हास्टल में रहने वाली छात्राओं को किसी तांत्रिक के पास कथित इलाज के लिए ले जाया गया. ऐसा अफसरों के कहने पर किया गया. तांत्रिक के यहां अफसर लोग भी पहुंचे हुए थे. इसकी भनक लगने पर पत्रकार अभिषेक और कैमरामैन चैतन्य कवरेज करने व फोटो खींचने मौके पर पहुंचे थे.
जब अफसरों ने देखा कि मीडिया के लोग आ गए तो इन्हें सबक सिखाने के लिए इनके साथ मारपीट की गई, इनके पैसे छीन लिए गए और उल्टे इनके उपर ही लड़कियों की तरफ से छेड़छाड़ करने का मुकदमा लिखा दिया गया. पत्रकार अभिषेक और कैमरामैन चैतन्य ने भी अफसरों के खिलाफ मारपीट और लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज कराई. क्रास एफआईआर होने के बावजूद खेल विभाग के अधिकारियों की शह पर पुलिस ने दोनों पत्रकारों को गिरफ्तार कर लिया.
हालांकि इस मामले की जांच के दौरान अधिकारियों ने चैतन्य का कैमरा अपने कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया था जिसमें किसी लड़की की कोई तस्वीर न होने की बात सामने आई. बावजूद इसके, मीडिया को सबक सिखाने के मकसद से पुलिस ने पत्रकार व कैमरामैन को गिरफ्तार कर हवालात में बंद कर दिया. दोनों को इनके घरों से गिरफ्तार किया गया. इन्हें बरमाणा थाने की हवालात में रखने के बाद वीरवार को अदालत में पेश किया गया जहां से इन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया.
पत्रकारों की गिरफ्तारी मामले को लेकर शुक्रवार को जिला भर से आए पत्रकार पुलिस प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतर गए. पत्रकार महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष पंडित जयकुमार शर्मा के नेतृत्व में पत्रकारों ने शहर में रोष रैली निकालकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की. इससे पहले स्थानीय परिधि गृह में आयोजित बैठक में जिला भर से आए पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की. बैठक में निर्णय लिया गया कि 15 जुलाई को मुंह पर काली पट्टियां बांधकर पुलिस अधीक्षक का घेराव किया जाएगा और दो घंटे तक धरना प्रदर्शन किया जाएगा. इसके साथ उपायुक्त के माध्यम से पुलिस प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा.

बैठक की अध्यक्षता करते हुए पंडित जयकुमार शर्मा ने कहा कि इस मामले पर प्रदेश भर में आंदोलन किए जाएंगे. उन्होंने इस कार्रवाई को अंजाम देने वाले पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही इस मामले से जुड़े खेल विभाग के अधिकारियों को भी शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है. उधर, पत्रकार पर हुई कार्रवाई के पीछे जिला से संबंधित एक बड़े नेता का हाथ होने के कयास लगाए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक अभिषेक को गिरफ्तार करने पहुंचे पुलिस अधिकारी ने कहा था कि उनके ऊपर बहुत प्रेशर है, जिस कारण उन्हें गिरफ्तारी करनी पड़ेगी.






