सपा सरकार इसी बजट सत्र में यूपी तथा लखनऊ के पत्रकारों के लिए कुछ नए प्रावधान लागू कर सकती है. अगर ऐसा होता है तो इसका बहुत बड़ा श्रेय लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार हेमंत तिवारी को जाएगा. हेमंत तिवारी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों की बात को प्रमुखता से उठाया तथा उनसे आग्रह किया कि जल्द से जल्द इन मामलों पर निर्णय लिया जाए, जिसके बाद अखिलेश ने कहा कि वे इसी सत्र में पत्रकारों के लिए महत्वपूर्ण फैसला लेंगे.
अखिलेश यादव पहली बार पत्रकार से रूबरू थे. बजट पेश करने के बाद के ट्रेडिशनल प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव सैकड़ों पत्रकारों के सामने मौजूद थे. उन्होंने कुछ अपनी कही, कुछ पत्रकारों ने पूछी. यहां सीनियर पत्रकार भी मौजूद थे. बजट में पत्रकारों को कुछ नहीं मिलने के बाद भी किसी पत्रकार ने इस मामले को उठाने की हिम्मत नहीं दिखाई. परन्तु वरिष्ठ पत्रकार तथा मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के पूर्व पदाधिकारी हेमंत तिवारी ने भरी सभा में सबके सामने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से पत्रकारों के कल्याण की मांग उठाई.
हेमंत ने कहा कि मुख्यमंत्री जी मैं ने दो बार आपको पत्रकारों की कुछ मांगों को लेकर ज्ञापन दिया है, परन्तु अब तक उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है, जिस पर सीएम ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे इस बार जरूर पत्रकारों के लिए कुछ करेंगे. हेमंत ने कहा कि हमारी मांग है कि यूपी पत्रकारों की स्थिति बहुत ही दुर्दशाग्रस्त है. इनके लिए राजस्थान, केरल तथा तमिलनाडू जैसे राज्य कई उचित प्रावधान कर रखें हैं. पेंशन व्यवस्था भी लागू है परन्तु यूपी में पत्रकारों के लिए इस तरह की कोई सुविधा सरकार की तरफ से नहीं दी गई है.
उन्होंने सीएम से यह भी मांग की कि मान्यता प्राप्त पत्रकार तथा उनके परिजनों का संजय गांधी पीजीआई में मुफ्त इलाज की व्यवस्था की जानी चाहिए, साथ ही पत्रकारों के लिए सस्ते दर पर जमीन भी उपलब्ध कराने समेत नई कालोनी का निर्माण किया जाना चाहिए. इस पर सीएम अखिलेश ने मुख्य सचिव को मंच से ही कुछ निर्देशित किया. अखिलेश जब उठकर जाने लगे तब भी हेमंत तिवारी उठकर उनके पास जा पहुंचे तथा अपने ज्ञापन की याद दिलाई. जिस पर सीएम ने उन्हें आश्वस्त किया कि उम्मीद करिए कि हम बजट सत्र में ही पत्रकारों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करेंगे. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को भी हेमंत की मांगों का परीक्षण कराकर रिपोर्ट देने को कहा.
अखिलेश यादव के आश्वासन के बाद समझा जा रहा है कि मुख्यमंत्री इसी बजट सत्र में राज्य तथा लखनऊ के पत्रकारों को तोहफा दे सकते हैं. हेमंत राजस्थान, तमिलनाडू तथा केरल में पत्रकारों के लिए किए गए प्रावधान की कापियां जुटाने में लग गए हैं. हालांकि इन दौरान लखनऊ के पत्रकारों के बीच की गुटबाजी भी उभरकर सामने आई जब कुछ वरिष्ठ पत्रकार हेमंत तिवारी का विरोध करने का प्रयास किया, परन्तु पीछे बैठे पत्रकारों ने हूट करके उन लोगों को सफल नहीं होने दिया.





