यूपी की राजधानी में पिछले हफ्ते शुक्रवार की रात को वरिष्ठ पत्रकार हेमंत तिवारी पर हुए हमले की गूंज विधानसभा में सुनाई पड़ी. हंगामे के बाद सरकार ने आश्वस्त किया कि हमलावर बख्शे नहीं जाएंगे. विधानसभा में शून्य काल के दौरान कांग्रेस सदस्य प्रमोद तिवारी, भाजपा के हुकुम सिंह तथा बसपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने यह मामला कार्य स्थगन सूचना के जरिए उठाया और घटना के चार दिन बीते जाने के बावजूद हमलावरों की गिरफ्तार नहीं किये जाने पर नाराजगी जताई.
कांग्रेस नेता तिवारी ने कार्य स्थगन सूचना की ग्राह्यता पर बल देते हुए कहा कि बीते हफ्ते सात जून की रात जब वरिष्ठ पत्रकार तिवारी अपनी गाड़ी से घर वापस जा रहे थे तो राजधानी के व्यस्त राणा प्रताप मार्ग चौराहे पर एक बड़ी गाडी (एसयूवी) सवार युवको ने लाठी डंडे से उन पर हमला बोल दिया. उन्होंने कहा कि इस हमले में तिवारी की गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी और दु:साहस यह कि मौके पर पुलिस के पहुंच जाने के बावजूद उस गाड़ी सवार हमलावर घटनास्थल से फिर गुजरे और एक पुलिस जवान को भी कुचल डालने की कोशिश की.
तिवारी ने कहा कि घटना को देखते हुए यह सड़क पर हो जाने वाले टकराव की मामूली घटना नहीं लगती, बल्कि सार्वजनिक स्थल पर ऐसी घटना इस बात का प्रमाण है कि अपराधी निडर हो गये हैं. उन्होंने कहा कि चार दिन बीत गये, मगर हमलावर अब तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं. साभार : समय