: अखिलेश ने किया बर्खास्त : लखनऊ। महिलाओं को लेकर समय-समय पर अपनी अभद्र बयानबाजी से विवादों में रहने वाले कैबिनेट मिनिस्टर राजाराम पाण्डेय की कुर्सी शनिवार चली गई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें बर्खास्त कर दिया है। वह खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री थे। राजाराम पाण्डेय ने बीते शुक्रवार को प्रतापगढ़ में कहा था कि उनके जिले की सड़कें हेमामालिनी और माधुरी दीक्षित के गाल जितनी चिकनी बनेंगी। सड़कों की खुदाई को उन्होंने फेशियल की संज्ञा दी थी। उन्होंने कहा था कि फेशियल के बाद जिस तरह महिलाओं की सुंदरता में निखार आ जाता है, उसी तरह सड़कों में निखार आ जाएगा।
उनके इस बयान के बाद सरकार की भी किरकिरी होने लगी थी। तमाम महिला संगठनों ने उनकी आदत को लेकर विरोध शुरू कर दिया कर दिया। दरअसल राजाराम पाण्डेय कुछ महीने पहले सरकारी बैठक में सुलतानपुर की महिला डीएम की सुंदरता पर मोहित हो गए थे। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह कह डाला था कि यह डीएम बहुत खूबसूरत हैं। उन्होंने इस जिले में पहले तैनात रहीं एक अन्य महिला डीएम की सुंदरता का जिक्र करते हुए कहा कि पिछली बार जब वह मंत्री थे और इस सुल्तानपुर जिले का प्रभार उनके पास था तो यहां पर एक महिला डीएम तैनात थीं। पहले वह समझा करते थे कि कोई सुंदर महिला डीएम नहीं हो सकती लेकिन उनकी सुंदरता देखकर उन्हें अपनी यह धारणा खत्म करनी पड़ी थी।
राजाराम पाण्डेय की इन टिप्पण्यिों पर भी खासा बवाल मचा था। यहां तक कि महिला आयोग ने भी राजाराम पाण्डेय को नोटिस जारी किया था लेकिन राजाराम पाण्डेय ने यह कहते हुए अपना बचाव किया था कि किसी सुंदर महिला को सुंदर कहना कोई अपराध नहीं है। गत 23 मार्च को लोहिया जयंती के मौके पर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने सपाईयों को महिलाओं का सम्मान करने के लिए चेताया भी था। पर राजाराम अपनी आदत अनुसार शुक्रवार को भी विवादित बयान दे डाला। चौतरफा दबाव को देखते हुए सीएम ने कड़ी कार्रवाई करने में कोई हिचक नहीं दिखाई। उन्हें अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया। राजाराम पांडेय का विभाग फिलहाल मुख्यमंत्री के पास रहेगा।
माना जा रहा है कि अखिलेश यादव ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं। राजाराम पाण्डेय की मंत्रिमंडल से बर्खास्तगी से वे यह संदेश देना चाहते हैं कि अब वे इस तरह की कोई हरकत बर्दाश्त नहीं करेंगे, दूसरे राजराम पांडेय को रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का करीबी माना जाता है। राजाराज भी प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले हैं। उनके सिफारिश पर उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता रहा है। पर जब राजा बाहर हो चुके हैं तो बयान का बहाना लेकर राजाराम पांडेय को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।





