देवघर के पत्रकारों ने अपनी शर्म बेच खायी है. कभी भोजपुरी फिल्म की अभिनेत्रियों के साथ फोटों खिंचवाने तो कभी उगाही कर वनभोज करने के लिए मारामारी करने की बाद भी देवघर के पत्रकार अपनी आदतों से बाज नहीं आते है. कुछ दिन पहले देवघर के पत्रकरों ने प्रेस क्लब के बैनर तले बैठक कर स्थानीय प्रशासन से जमीन एवं दुकानों की मांग तक कर डाली. अब देवघर के पत्रकारों ने दरिद्रता की नयी मिशाल पेश की है.
इन दिनों पूरे झारखण्ड में ट्रैफिक सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है. स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा देवघर में भी इस कार्यक्रम को मनाया जा रहा है. मगर पत्रकारों ने आरक्षी अधीक्षक से खबर मांगने के नाम पर स्थानीय पुलिस से हेलमेट की मांग कर ली. हालाँकि यह हेलमेट स्थानीय लोगों के बीच वितरण के लिए आया हुआ था. पत्रकारों ने न सिर्फ हेलमेट की मांग की, अपितु हेलमेट के लिए मारामारा भी की.
हेलमेट के लिए मारामारी करने वाले पत्रकारों में आज तक के शैलेन्द्र मिश्र, सहारा समय के बम शंकर वाजपेयी, महुआ के दीपनारायण दुबे, ईटीवी के मनोज केशरी, साधना के विकास कुमार, आर्यन के रंजित बरनवाल, कशिश न्यूज़ के रजनीश कुमार, हिंदुस्तान के अजय संतोषी, प्रभात खबर के संजीव मिश्र, अंग्रेज दास, दिनकर ज्योति, अजय यादव श्वेत पत्र के आलोक संतोषी का नाम शामिल है. ज्ञात हो कि पत्रकारों के इस कारनामे की चर्चा चारों और हो रही है और लोग पत्रकारों के इस कारनामे का जम कर मजाक उड़ा रहे हैं. हालाँकि एसपी ने पत्रकारों को दबे लहजे में धमकाते हुए यह भी कहा कि इसके आगे यदि कोई पत्रकार बिना हेलमेट के पकडे़ गए तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी.







