बीटीवी और हैथवे के बीच करार खतम हो गया है. इसके साथ ही भास्कर समूह ने अपना बीटीवी बंद कर दिया गया है. बीटीवी का संचालन भोपाल, इंदौर एवं जयपुर से किया जा रहा था. खबर है कि हैथवे ने बीटीवी का पूरा स्टेक लेकर उसे भुगतान कर दिया है. केबल बिजनेस में भास्कर समूह बीटीवी के माध्यम से अपनी दखल रखता था और हैथवे के साथ मिलकर तीन जगहों से बीटीवी का संचालन कर रहा था. परन्तु इस करार के टूट जाने के बाद तीनों जगहों से बीटीवी का बोरिया बिस्तर गोल हो जाएगा.
केबल नेटवर्क में हैथवे का 51 फीसदी तथा भास्कर का 49 फीसदी शेयर था. खबर है कि हैथवे ने भास्कर के सभी शेयर खरीद लिए हैं. अब इस पर हैथवे का एकाधिकार हो गया है और भास्कर केबल बिजनेस से अलग हो गया है. भास्कर समूह इसी केबल बिजनेस के माध्यम से भास्कर टीवी यानी बीटीवी का संचालन कर रहा था. अब नए परिपेक्ष्य में भोपाल, इंदौर तथा जयपुर तीनों जगहों से बीटीवी का संचालन बंद कर दिया गया है.
सूत्रों का कहना है कि वैसे भी डीजी केबल तथा सिटी केबल के आ जाने के बाद बीटीवी इन तीनों जगहों पर तीसरे नम्बर पर पहुंच गया था, जिसको देखते हुए भास्कर समूह ने इसे बंद करने का फैसला ले लिया. इसी आधार पर उन्होंने हैथवे से अपना करार खतम करते हुए अपने हिस्से का शेयर बेच दिया. बताया जा रहा है कि भास्कर प्रबंधन ने अब फैसला किया है कि समूह का जहां भी ज्वाइंट वेंचर संचालित हो रहा है, सभी से अलग हो जाएंगे. हैथवे से अलग होना और बीटीवी बंद करना उसी रणनीति का हिस्सा है.





