उदयपुर में दैनिक भास्कर और राजस्थान पत्रिका आज अपने पाठकों तक नहीं पहुंच पाया. दोनों अखबारों की एक भी प्रतियां वितरित नहीं हो पाईं. कमिशन बढ़ाने की मांग को लेकर हॉकरों ने हड़ताल कर दी, जिससे अखबार लदे ट्रक ही इन बाहर नहीं निकल पाए. पिछले दो दिनों से कमिशन बढ़ाने को लेकर हॉकर तथा प्रबंधन के बीच विवाद चल रहा था. आज वह विवाद बड़े रूप में सामने आया और हॉकरों ने हड़ताल कर दी. खबर है कि आज फिर दोनों अखबारों के प्रबंधन तथा हॉकरों के प्रतिनिधियों के बीच इस मामले को लेकर बातचीत हो रही है.
उदयपुर में राजस्थान पत्रिका ढाई रुपये तथा दैनिक भास्कर सवा दो रुपये में बिकता है. इसमें हॉकरों को 65 से 70 पैसे कमिशन के तौर पर मिलते हैं. हॉकर काफी समय से कमिशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. दो दिन पूर्व उन्होंने अपने इस मांग को तेज कर दिया. राजस्थान पत्रिका तथा दैनिक भास्कर प्रबंधन से इस मुद्दे पर हॉकरों की बात हुई, तो हॉकर अखबार की कीमत का पचास प्रतिशत कमिशन के रूप में देने की मांग पर अड़ गए, जिसके चलते बात नहीं बन पाई. बताया जा रहा है कि दोनों अखबार का प्रबंधन कमिशन बढ़ाने की हामी भरी है पर अखबार के मूल्य का पचास फीसदी देने को तैयार नहीं है, जबकि हॉकर कीमत का पचास फीसदी कमिशन लेने पर अड़े हुए हैं. बात नहीं बनने पर हॉकरों ने दोनों अखबारों को प्रिंटिंग एरिया से ही बाहर नहीं निकलने दिया. वे अखबार लदे वाहनों के सामने लोट गए, जिससे अखबार सेंटरों तक नहीं पहुंच सका.






