Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal

प्रिंट-टीवी...

ज़ी मरुधरा में अव्यवस्था का आलम, चुनाव से पहले ही भगदड़ शुरू

हाल ही में शुरू हुए ज़ी के राजस्थान के रीजनल चैनल ज़ी मरुधरा में अव्यवस्थाओं का आलम ये है कि भगदड़ शुरू हो गई है। हाल ही में जोधपुर के ब्यूरो चीफ अमित यादव ने चुनावों के बीच में ही जोधपुर को राम राम बोल कर जयपुर आने का फैसला इसलिए ले लिया, क्योंकि उनसे चैनल के रेजिडेंट  एडिटर ने नेताओं से ऐड की भीख मांग कर टारगेट पूरा करने का दबाव बनाया तो जयपुर ऑफिस से भी लोगों ने भागना शुरू कर दिया है। नोएडा में बैठे चैनल के आकाओं को कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा।

हाल ही में शुरू हुए ज़ी के राजस्थान के रीजनल चैनल ज़ी मरुधरा में अव्यवस्थाओं का आलम ये है कि भगदड़ शुरू हो गई है। हाल ही में जोधपुर के ब्यूरो चीफ अमित यादव ने चुनावों के बीच में ही जोधपुर को राम राम बोल कर जयपुर आने का फैसला इसलिए ले लिया, क्योंकि उनसे चैनल के रेजिडेंट  एडिटर ने नेताओं से ऐड की भीख मांग कर टारगेट पूरा करने का दबाव बनाया तो जयपुर ऑफिस से भी लोगों ने भागना शुरू कर दिया है। नोएडा में बैठे चैनल के आकाओं को कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा।

3 महीने पहले ही नोएडा ऑफिस से जयपुर ऑफिस शिफ्ट किये हुए सनद गुप्ता ने भी न्यूज़ नेशन ज्वाइन करने के लिए अचानक बिना कोई नोटिस सर्व किये ही भागना ठीक समझा।  दरअसल जयपुर में हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि जयपुर में बैठा चैनल के आउटपुट टीम का हर सदस्य अपने लिए इसे प्रोफेशनल मर्डर समझ रहा है।  आउटपुट टीम के करीब १५ लोग जयपुर ऑफिस में भेजे गए हैं, जिनमे से कुछ लोग तो काफी सीनियर हैं जो ८ – ८ चैनल्स में काम करने के बाद य़हां पहुंचे हैं।  लेकिन जानकर आप हैरान हो जायेंगे कि इन १५ लोगों का काम मिलकर चैनल का टिकर चलना है।  केवल ये टिकर ही है जो जयपुर ऑफिस चलाता है, और उसका भी केवल अपर बैंड, क्योंकि लोअर बैंड नोएडा ऑफिस चलाता है। 

लोगों के पास समय काटने तक के लिए भी कोई काम नहीं है। हैरानी की बात ये है कि जयपुर ऑफिस में भेजे गए ये तमाम लोग इतने काबिल लोगों के तौर पर पहचाने जाते हैं, जो अपने बूते किसी भी चैनल के ऑउटपुट को खड़ा कर दें।  यही वजह है चैनल के तालिबानी फैसलों के सामने हर शख्स असहज, असहाय है और मानसिक प्रताड़ना का सामना कर रहा है।  सबसे ज़यादा बुरे तो हालात उन लोगों के साथ हैं जो खूबसूरत जयपुर में काम करने का मौका मिलते ही बीवी बच्चों के साथ जयपुर पहुँच गए।  लेकिन यहाँ आकर पता चला कि साहब धोबी का कुत्ता, न घर का न घाट  का।  अब जिसके सब्र का बाँध जब टूटेगा, तब तब लोग भागते जाएंगे।

चैनल के इन्ही हालात की वजह से टीआरपी लिस्ट में चैनल का हाल दया करने लायक है, क्योंकि काम करने वाले लोगों के हाथ बांध कर जयपुर कि जेल  में भेज दिया गया है।  उससे भी बड़ा टॉर्चर तो जयपुर ऑफिस का आउटपुट हेड है।  मिस्टर चौधरी को केवल टिककर चलवाने के लिए चैनल ने १५ लोग दे दिए मगर सब कुछ गड़बड़ हुआ रहता है। अक्सर नाईट शिफ्ट में टिकर पर एक भी आदमी नहीं होता। 

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadas … मोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia  …

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...