1500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है पीके तिवारी और महुआ वालों ने, चार्जशीट दाखिल

पूर्वी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले पीके तिवारी उर्फ प्रमोद कुमार तिवारी की कहानी भी चरम उत्थान और चरम पतन की है. इस एक शख्स से बहुत कुछ सीखा जा सकता है. अपने जीवन में जितने रंग पीके तिवारी ने देखे होंगे, उतना शायद ही किसी ने. फर्श से अर्श और फिर अर्श से फर्श की दास्तान हैं पीके तिवारी. इन पीके तिवारी की कंपनी महुआ पर पंद्रह सौ करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का आरोप है. 
पूरे मामले की सीबीआई जांच चल रही है. ताजी जानकारी ये है कि सीबीआई ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट में प्रमोद तिवारी के अलावा आनंद तिवारी, डा. सीताराम गुप्ता, राजेश गुप्ता, बसंत गुप्ता, ऋतु सेठी, भार्गव सहित कुल 12 लोग आरोपी बनाए गए हैं. महुआ प्राइवेट लिमिटेड ने बैंकों से करीब 1500 करोड़ रुपये की साजिश रच कर धोखाधड़ी की है. वर्ष 2012 में महुआ मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आफ बड़ौदा सहित कई अन्य बैंकों ने सीबीआई को शिकायत देकर मामला दर्ज कराया था. इस पूरे प्रकरण को लेकर आज हिंदी दैनिक हिंदुस्तान में दिनेश वत्स की बाइलाइन खबर प्रकाशित हुई है. खबर की कटिंग यहां संलग्न है…

पीके तिवारी का भड़ास पर प्रकाशित एक पुराना इंटरव्यू पढ़ें : मैं रिस्क कैलकुलेटेड लेता हूं


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