‘बुक्‍स ओ सांसद’ का आयोजन 28 मार्च को, परिचर्चा में जुटेंगे दिग्‍गज पत्रकार व सांसद

पिछले कुछ समय में सांसदों के प्रति आम जनमानस में नकारात्मक भाव पैदा हुआ है। राजनीति और राजनेताओं को एक ही डंडे से हांकने की कवायद में संसद का बौद्धिक और रचनात्मक पक्ष पीछे छूट रहा है। ऐसे वातावरण में 'बुक्स ओ सांसद' कार्यक्रम के माध्यम से जनप्रतिनिधियों के सकारात्मक पक्ष को देश-दुनिया के सामने लाने की पहल की जा रही है। भारत की संसद (राज्य सभा/लोक सभा) में मौजूद विभिन्न संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित, मनोनीत संसद सदस्य केवल राजनीति के जानकार भर नहीं हैं। राजनीति से इतर सामाजिक जीवन के अन्य  दूसरी विधाओं में भी सांसदों की दखल है।

एक ऐसी ही विधा का नाम है पुस्तक लेखन और इस विधा में वर्तमान संसद में मौजूद 15 फीसदी भारतीय सांसदों की न केवल दिलचस्पी है बल्कि उन्होंने विविध विषयों पर किताबें लिखी भी हैं। धर्म, अध्यात्म, विज्ञान, इतिहास, दर्शन, साहित्य, कथा, कविता, अनुभव, यात्रा वृतांत, राजनीति, अर्थनीति जैसे दर्जनों विषयों पर केन्द्रित सांसदों के पुस्तकों की सामूहिक, सार्वजनिक  प्रदर्शनी के सकारात्मक प्रयास का नाम है बुक्स ओ संसद। दृष्टि क्रिएटिव के आयोजन बुक्स ओ सांसद का मकसद भारतीय संसद/सांसद के एक सराहनीय सार्थक और सकारात्मक पक्षों  को सार्वजनिक करना साथ ही संसदीय लोकतंत्र की मजबूती के लिए विषय आधारित संवाद, बहस करना है।

इसी कड़ी में पिछली बार की तरह इस बार लेकिन बड़े स्तर पर आगामी २८ मार्च को दिल्ली स्थित तालकटोरा इनडोर स्टेडियम में 'बुक्स ओ संसद' का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान Janokti.com द्वारा 'मीडिया और संसद : जबाबदेही व अपेक्षाएं' विषय पर सार्थक परिचर्चा भी रखी गयी है। परिचर्चा में देश के जाने-माने पत्रकार अरविन्द मोहन, एनके सिंह, राजीव मिश्र (लोकसभा टीवी), अरविन्द कुमार सिंह (राज्यसभा टेलीविजन) और संसद का प्रतिनिधित्व कर रहे विभिन्न दलों के अनुभवी सांसद व पूर्व सांसदों में रशीद अल्वी, केसी त्यागी, शिवानंद तिवारी, हुकुमदेव नारायण यादव, अनु टंडन समेत कई दिग्गज राजनेता भाग लेंगे।

इंडिया बुक रिकार्ड के लिए इस वर्ष नामित 'बुक्स ओ संसद' में तक़रीबन आधे दर्जन से अधिक केन्द्रीय मंत्री और सौ से अधिक सांसदों की उपस्थिति रहेगी। बुक्स ओ संसद के दौरान  दिल्ली के संगीत प्रेमियों के लिए पद्म श्री उदित नारायण के लाइव शो का भी आयोजन किया गया है। 'बुक्स ओ संसद' की कल्पना और उसकी जबाबदेही दृष्टि के कुंदन कुमार झा, जनोक्ति के जयराम विप्लव, अमिताभ भूषण और विशाल तिवारी, वंदन सिंह, अनित सिंह, भवेश नंदन झा, के. अरविन्द, संतोष कुमार, अनिमेष आनंद, सोनू मिश्रा आदि समूह सदस्यों के जिम्मे है।

 

 
 

 

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