अगर संजय तब नादान थे तो 35 साल हो बालिग होने की उम्र!

फिल्मी पर्दे से असल जीवन में तक खलनायक साबित हुए संजय दत्त की सजा माफ करने के लिए एक मुहिम छिड़ी है। मुहिम का झंडा मायानगरी से लेकर नेतानगरी तक बुलंद है। हर किसी को संजय दत्त निर्दोष नजर आ रहे हैं। मुहिम को देखकर ऐसा लगता है कि मानो ये मुहिम किसी अपराधी की सजा माफ करने के लिए न होकर किसी देशभक्त को न्याय दिलाने के लिए चल रही हो। बड़बोलेपन के लिए मशहूर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह को तो संजय दत्त निर्दोष होने के साथ ही नासमझ भी नजर आते हैं।

दिग्गी बाबू कहते हैं कि जिस वक्त संजय दत्त के घर से पुलिस ने हथियार बरमद किए थे उस वक्त संजय दत्त नासमझ थे और नासमझी में संजय दत्त ने ये गलती कर दी। दिग्विजय सिंह को संजय दत्त के इस अपराध के पीछे उनकी नादान उम्र का दोष नजर आता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि दिग्विजय जिस नादान उम्र की बात कर रहे हैं वो उस वक्त 33 साल थी और बकौल दिग्विजय सिंह इस उम्र में संजय दत्त नासमझ थे।

अगर दिग्विजय सिंह की बात मान लें कि 33 साल की उम्र में कोई व्यक्ति नासमझ या नादान होता है तो फिर तो दिग्विजय सिंह को एक कदम और आगे बढ़ाकर केन्द्र सरकार से बालिग होने की उम्र 35 साल करने की अपील करनी चाहिए क्योंकि अभी तो हमारे देश में बालिग होने की उम्र 18 साल है। जब 33 साल के व्यक्ति को इतनी समझ नहीं है कि अंडरवर्ल्ड के संपर्क में रहना, फोन पर अपराधियों से बात करना और अपने घर में अवैध हथियार रखना गैरकानूनी है तो फिर 18 साल से 33 साल के बीच के युवा को कितनी समझ होगी..!

फिर तो दिग्विजय सिंह को सरकार से ये भी मांग करनी चाहिए कि 33 साल से कम उम्र के उन सभी अपराधियों को माफ कर दिया जाए जिन्हें अदालत सजा सुना चुकी है लेकिन दिग्विजय सिंह ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि 33 साल तक की उम्र के सभी अपराधी कांग्रेसी रहे सुनील दत्त की औलाद जो नहीं हैं..!

कांग्रेस ने भले ही दिग्विजय सिंह के इस बयान से पल्ला झाड़ लिया हो लेकिन कांग्रेस में दिग्विजय सिंह वही बोलते हैं जो आलाकमान चाहता है..! भले ही बाद में दिग्विजय के बयान से कांग्रेस पीछा छुड़ाने का प्रयास करती दिखाई देती है लेकिन विवादित मुद्दों पर दिग्विजय का बयान तब तक मीडिया की सुर्खियां बटोर चुका होता है। मुझे तो ऐसा एक भी मौका याद नहीं आता जब दिग्विजय सिंह के बड़बोलेपन पर कांग्रेस आलाकमान ने सख्ती दिखाते हुए दिग्विजय सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई की हो।

जाहिर है ये दिग्विजय के बड़बोलेपन को कांग्रेस आलाकमान का मौन समर्थन नहीं तो और क्या है..? खैर सरकार के फैसलों पर विपक्ष की घेराबंदी पर तो दिग्विजय की बोली समझ में आती है लेकिन एक अपराधी के लिए माफी की अपील क्या दर्शाती है..? वो भी तब जब देश का सर्वोच्च न्यायालय अपराध साबित होने पर संजय दत्त को 5 साल कारावास की सजा सुना चुका है वो भी इस टिप्पणी के साथ कि संजय दत्त के अपराध की प्रकृति काफी गंभीर थी जो माफी लायक नहीं है।

बहरहाल संजय दत्त की सजा  माफी को लेकर मुहिम जारी है…कोई राष्ट्रपति को चिट्ठी लिख रहा है तो कोई राज्यपाल से मुलाकात कर रहा है लेकिन विभिन्न अपराधों में जेल में बंद लाखों अपराधी जिन्हें अदालत सजा सुना चुकी है उन तक अगर ये खबर पहुंच रही होगी तो एक सवाल उनके जेहन में भी जरूर उठ रहा होगा कि काश मैं भी एक फिल्म स्टार होता तो मेरे लिए भी कोई आवाज उठाता… मेरे अपराध को भी कोई नादानी कहता और एक दिन मेरे भी सारे गुनाह माफ होते और अपने परिवार के साथ मैं भी खुली हवा में सांस ले पाता..!

दीपक तिवारी

deepaktiwari555@gmail.com

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