नीटी के दीक्षांत समारोह में 426 विद्यार्थियों को मिला स्नातकोत्तर उपाधि

राष्ट्रीय औद्योगिक इंजीनियरी संस्थान (नीटी) का हरा भरा परिसर दिनांक 18 फरवरी, 2013 को उस समय जीवंत हो उठा, जब संस्थान ने 426 स्नातकोत्तर छात्रों को 18वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया। इस समारोह के मुख्य अतिथि थे पद्मभूषण श्री एफ.सी.कोहली, सॉफ्टवेयर उद्योग के पिता व सेवामुक्त सम्मानीय अध्यक्ष, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस।

इस वर्ष 4 स्नातकोत्तर बैचों – औद्योगिक इंजीनियरी, औद्योगिक प्रबंधन, औद्योगिक सुरक्षा एवं पर्यावरण प्रबंधन तथा सूचना प्रौद्योगिकी प्रबंधन के कुल 426 छात्रों ने अपने डिप्लोमा सम्मानित अतिथि एवं प्रतिष्ठित गरिमापूर्ण व्यक्तित्वों, जिनमें श्री गौतम थापर, अध्यक्ष, नीटी शासी मंडल, डॉ. अमिताभ  दे, निदेशक, नीटी तथा संस्थान के प्रख्यात अल्युमनाई सहित शासी मंडल के अन्य सदस्यों की उपस्थिति में प्राप्त किए।

निदेशक डॉ. अमिताभ दे ने सभा को संबोधित करते हुए छात्रों को अपनी वास्तविक परिसंपत्ति बताया जिनकी सफलता के पीछे मुख्य स्तंभ प्राध्यापक हैं। उन्होंने कहा कि नीटी के विद्यार्थी अपने मूल्यों एवं जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और उन्हें विश्वास है कि ये विद्यार्थी केवल नौकरी की तलाश करने वाले नहीं रहेंगे बल्कि वे नौकरी देने वाले भी बनेंगे। अपने दीक्षांत भाषण में पद्मभूषण श्री एफ.सी.कोहली ने स्नातक छात्रों को बधाई दी एवं उनके व्यावसायिक कैरियर हेतु शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने अपने व्याख्यान में उल्लेख किया कि अब छात्रों को भविष्य में सिर्फ एक निजी सहायक से ऊपर उठकर एक प्रबंधक बनना होगा और अंततः एक लीडर रूप में विकसित होना होगा। उन्होंने औरों में उत्साह जगाने एवं प्रेरणा देने के महत्व का उल्लेख किया जो कि संस्थान में सशक्त प्रेरणा देने का कार्य कर सकता है। जैसा कि पद्मभूषण श्री एफ.सी. कोहली ने छात्रों के समक्ष खड़ी चुनौतियों के विषय में बात की, उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि छात्रों में से हरेक छात्र को बड़ी ऊंचाईयों को छुना है तथा अपने पीछे नेतृत्व की दुर्लभ छाप छोड़ना है। अंत में, उन्होंने सभी स्नातक विद्यार्थियों से अपने हृदय में जोश को बनाए रखने के लिए कहा ताकि उनके अंदर ऊर्जा उत्पन्न होती रहे तथा उत्साह बना रहे।

औद्योगिक इंजीनियरी में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीआईई), औद्योगिक प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा  (पीजीडीआईएम), औद्योगिक सुरक्षा एवं पर्यावरण प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीआईएसईएम) एवं सूचना प्रौद्योगिकी प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीआईटीएम) के सर्वोत्तम छात्र हेतु चेयरमैन मैडल क्रमशः श्री एस.एस.विज्ञेश, कु. अदिती जैन, कु. सोनम गुप्ता, कु. अमनदीप कौर दुआ तथा श्री मनीष कुमार को प्रदान किया गया। सर्वोत्तम ऑल राउंडर का द एपीजे ट्रस्ट अवार्ड सुश्री कृतिका देशमुख को प्रदान किया गया। प्राणलाल पटेल अवार्ड श्री श्रीनिवास बी. एवं कु. श्रुति गुप्ता को प्रदान किया गया। ऑपरेशन रिसर्च स्ट्रीम में श्रेष्ठ छात्र सम्मान अनुपम गुप्ता को प्रदान किया गया।

समारोह का समापन स्नातक बैच के सभी विद्यार्थियों की उपलब्धियों सहित खुशियाँ मनाने के साथ हुआ। संस्थान द्वारा उनमें भरे गए विश्वास के बल पर ये सर्वश्रेष्ठ उपलब्धकारी वास्तविक दुनियाँ में अपनी प्रतिभा के पंखों से उड़ान भरेंगे एवं अपने कार्यों से देश को गौरवान्वित करेंगे।

राष्ट्रीय औद्योगिक इंजीनियरी संस्थान (नीटी) की स्थापना सन् 1963 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय संस्थान के रूप में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के जरिये संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की सहायता से हुई। नीटी को मानव संसाधान विकास मंत्रालय द्वारा "उत्कृष्ट केंद्र" के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। नीटी ने पिछले वर्षों में औद्योगिक प्रशिक्षण में अपनी पहचान बनाई है और भारत के "आईवी लीग" बी-स्कूलों में अपना महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त करने में सफलता हासिल की है। नीटी का नाम देश के श्रेष्ठ 10 बिजनेस स्कूलों में शामिल किया जाता है। नीटी को हिंदी कार्यान्वयन के क्षेत्र में श्रेष्ठ योगदान देने के लिए दो बार इंदिरा गांधी राजभाषा का प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

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