बाड़मेर में मिले 60 जिंदा बम, शहर में अघोषित कर्फ्यू के हालात

बाड़मेर। बाड़मेर में एक साथ 60 बम मिलने से शहर भर में सनसनी फ़ैल गई है, लोग भयाक्रांत हैं और प्रशासन खौफ खाए है कि कहीं थोड़ी सी लापरवाही शहर को श्मशान ना बना दे। यही नहीं एक एक बम की मारक क्षमता ढाई किलोमीटर का इलाका है तो प्रभाव 8 किलोमीटर तक हो सकता हैं। सेना के इस खुलासे से ही डर बढ़ गया है। बाड़मेर में लगातार बम मिलने से शहर भर में सनसनी फ़ैल गई है। कुछ दिन पूर्व ही बाड़मेर शहर स्थित बार्डर होमगार्ड परिसर में आधा दर्जन बम मिले थे। उसका भय मिटा ही नहीं कि फिर से इसी जगह एक साथ साठ जिन्दा और बम मिल गये हैं।

सबसे गम्भीर बात तो यह है कि एक बम सात से आठ किलोमीटर तक अपना प्रभाव डाल सकता है और ढाई किलोमीटर तक का क्षेत्र तो इस के कारण पूरा का पूरा नष्ट हो सकता है और कोई भी इसकी जद में आने के बाद नहीं बच सकता है। इसके कारण हादसे के भय से ही लोग आतंकित हो गये। अगर थोड़ी सी लापरवाही से बम एक साथ फट जाते तो बाड़मेर में बड़ा हादसा इतिहास में शामिल हो जाता। दरअसल अब हम आपको बताते हैं कि कैसे बाड़मेर में यह भयानक मामला सामने आया है। बाड़मेर के बार्डर होमगार्ड में परिसर में कुछ दिन पहले स्टेडियम निर्माण का काम हो रहा था, इस दरमियान बाड़मेर के इस इलाके में काम कर रहे मजदूरों को धातु की चीज उनके फावड़े के नीचे आने से काम रोकना पड़ा। रेत हटा कर उन्होंने जब यह बमनुमा वस्तु देखी तो वो डर गये और बार्डर होमगार्ड के अधिकारियों को उन्होंने इस घटना के सम्बन्ध में जानकारी दी।

इस के बारे में तुरंत ही पुलिस को सूचित करके मामले की जानकारी दी गई। पुलिस मौके पर पहुंच कर मामले को देखने को बाद इस घटना के सम्बन्ध में सेना को पत्र लिखा और बम निस्तारण के लिए टीम भेजने का आग्रह किया। सात दिनों के बाद सेना का बम निरोधक दस्ता 30 जनवरी यानी बुधवार दोपहर के बाद बाड़मेर के इस घटनास्थल पर पहुंचा और इलाके में जहां बम मिले थे, वहां की खुदाई करवाई। इस खुदाई ने सबके होश उड़ा दिए। क्यूंकि इस जगह ने एक साथ 1 या 2 ,3, 4  या  …10…20….30… नहीं बल्कि साठ से सत्तर बम उगले हैं। घटना ने सभी को इसलिए भी चौका दिया क्यूंकि ज्यादातर बम जिन्दा थे। मतलब अगर ये फटते तो कइयों को मौत की नींद सुला सकते थे।

सेना के बम निरोधक दस्ते के अधिकारियों के अनुसार ये हाई एक्स्प्लोजिव बारूद का भयानक खतरनाक असलाह था और इसका प्रभाव करीब 8 किलोमीटर के इलाके में हो सकता था। यही नहीं ढाई किलोमीटर के इलाके में इसके फटने से कोई बचता भी नहीं। इस भयंकर बम मिलने की घटना से बाड़मेर के लोग अनहोनी की आशंका से भयभीत हैं तो पुलिस प्रशासन जल्द इसके निस्तारण के लिए चिंतित है। सेना के अधिकारियों के भी बम मिलने की घटना से होश फाख्ता हैं। बाड़मेर में कई दिनों से बम मिलने की घटना के चर्चे हैं, लेकिन ये चर्चे बुधवार शाम के बाद चिंता में बदल गये हैं। आसपास के क्षेत्र रहवासी इलाकों में शामिल हैं। बार्डर होमगार्ड परिसर की बाउंड्री खत्म होने के बाद ही इस इलाके में सैकड़ों परिवारों की बस्ती शुरू हो जाती हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन भी इसके कारण खासी चिंता में है क्यूंकि एक साथ बम इतनी भारी संख्या मिल जाने के कारण लोग चिंता में डूबे हैं कि कहीं इस इलाके में और भी बम तो नहीं दबे हुए हैं।

जिला पुलिस अधीक्षक राहुल बारहठ, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र मीणा और पुलिस उपाधीक्षक नाजिम अली खान समेत पुलिस और सेना के कई अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मौका मुआयना कर इस इलाके में आम जनता के प्रवेश पर पूर्णतया प्रतिबन्ध लगा दिया है। साथ ही साथ सेना और पुलिस ने सारे बमों को इसी परिसर में जेसीबी मशीन द्वारा गड्ढा खोद करके गड्ढे में रखवाया गया हैं ताकि कोई इन बमों तक नहीं पहुंच पाए। साथ ही जिला पुलिस अधीक्षक राहुल बारहठ के मुताबिक़ इसको गम्भीरता से लिया जा रहा हैं और बम निस्तारण के लिए भी कार्यवाही शुरू करवाई गई है। बाड़मेर में बम मिलने की घटना के बाद शहर में लोग भयभीत हैं साथ ही साथ पुलिस भी इस को लेकर काफी चिंता में हैं कि कहीं ऐसा कोई हादसा ना हो जाए जो परेशानी का कारण बन जाए।

बाड़मेर से दुर्गसिंह राजपुरोहित की रिपोर्ट.

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