शिमला प्रेस क्‍लब का चुनाव 18 अगस्‍त को

शिमला प्रेस क्लब के सालाना चुनाव 18 अगस्त को होंगे। निर्वाचन अधिकारी सुशील कुमार के मुताबिक नामांकन पत्र 8 और 9 अगस्त को प्राप्त किए जा सकते हैं। नामांकन भरने की तारीख 10 अगस्त तय की गई है। 12 अगस्त को उम्मीदवार अपने नाम वापिस ले सकते हैं। शिमला प्रेस क्लब में अध्यक्ष पद को लेकर इस बार मारामारी है। मौजूदा अध्यक्ष धनंजय शर्मा एक बार फिर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। तीन साल पहले एक साल के लिए उन्हें अध्यक्ष चुना गया था, लेकिन वे कब्जा जमाकर बैठ गए। तीन साल तक उन्होंने चुनाव नहीं कराए, जबकि क्लब के संविधान के मुताबिक हर साल चुनाव कराना लाजिमी है।

    
जनसत्ता के अश्विनी वर्मा, हिमाचल आजकल के भूपिन्दर चौहान, दैनिक ट्रिब्यून के ज्ञान ठाकुर और एक न्यूज चैनल के बीडी शर्मा ने भी अध्यक्ष पद पर ताल ठोंक दी है। यह पहला अवसर है, जब इतने उम्मीदवार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में कूदने पर आमादा हैं। इससे पहले ज्ञान ठाकुर क्लब के महासचिव थे। क्लब के सदस्य तीन साल तक चुनाव न कराने के लिए धनंजय शर्मा और ज्ञान ठाकुर को बराबर दोषी मानते हैं। दोनों के खिलाफ क्लब के सदस्यों में खासा आक्रोश है। बावजूद दोनों ने एक ही पद पर चुनाव लड़ने का मन बना रखा है। महासचिव पद पर अभी तक संजीव शर्मा का अकेला नाम ही सामने आया है। 
 
सदस्यों की बेरूखी को देखते हुए मौजूदा अध्यक्ष धनंजय शर्मा तनाव में हैं। इसी कारण धनंजय शर्मा ने अध्यक्ष पद के एक अन्य उम्मीदवार अश्विनी वर्मा के साथ क्लब में ही धक्कामुक्की कर दी। यह मंगलवार की घटना है। सोमवार को एक अन्य उम्मीदवार ज्ञान ठाकुर के साथ भी धनंजय शर्मा बदतमीजी पर उतर आए। शिमला के कुछ वरिष्ठ पत्रकारों ने निर्वाचन अधिकारी सुशील कुमार और साहिल शर्मा से दखल की गुजारिश की है। क्लब के संस्थापक सदस्यों का कहना है कि क्लब में जो माहौल धनंजय शर्मा अपनी बेजा हरकतों से उत्पन्न कर रहे हैं, उससे क्लब की गरिमा नष्ट हो रही हैं। यदि बाज न आए तो उन्हें चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया जाए।
    
याद दिला दें कि वरिष्ठ पत्रकार कृष्णभानु की घुड़की के बाद तीन साल बाद धनंजय शर्मा चुनाव कराने के लिए विवश हुए हैं। कृष्णभानु ने एक-एक करके पांच पत्र धनंजय शर्मा को लिखे, जिनमें वित्तीय एवं अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाए गए। कुछ आरोप साबित भी हो गए। भानु ने चेतावनी दी थी कि यदि शीघ्र चुनाव न कराए गए तो अध्यक्ष धनंजय शर्मा के खिलाफ पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज कर दी जाएगी। घबराकर धनंजय शर्मा ने दो बार क्लब का साधारण अधिवेशन बुलाया, जिसका सदस्यों ने बहिष्कार कर दिया। विवश होकर चुनाव का फैसला लिया गया।
 
शिमला से राकेश कुमार की रिपोर्ट.

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