9 viewers in Delhi, 12 in Mumbai decide fate of English business channels: Bloomberg TV

: The channel uses data from TAM's software Viewergraphics to question TAM's methodology : Gaurav Laghate / Mumbai : First NDTV, then Prasar Bharati and now English business news channel Bloomberg TV India is the latest player to jump on the bandwagon against the only TV viewership monitoring agency in India TAM Media Research. The channel has raised serious concerns against TAM's measuring system and inadequate sample size. “TAM should revamp their reporting processes and practices for niche channels. The current processes are resulting in loss of reputation and advertising revenues for the channel,” Bloomberg TV has said.

The channel has taken data from TAM's software Viewergraphics (VG), for all days with a target group of Digital audiences, Male 25 Years+ of the SEC A. As per the findings, for the whole genre, the average viewership in Mumbai is 12, while that in Delhi is 9. As per the channel, the sample size for the English business news channels genre is way too low and cannot decide the fate of the genre.

Incidentally, Mumbai and Delhi account for 62% English business news viewership of eight metros in the digital Male 25+ SEC A, a key TG for advertisers.

Talking to Business Standard, Sriram Kilambi, President, Bloomberg TV India said, “TAM data does not show what we (Bloomberg TV) deliver. There is huge discrepancy between the response we get and the ratings. That is why we did a research using TAM’s own data and tools for about 23 weeks. TAM's data may work well with the general entertainment channels but not for niche channels.”

Kilambi claimed that the numbers TAM is setting out for niche categories are incorrect and are extrapolated to the industry. Hence, it should stop rating the English business news channel genre. He added that Bloomberg TV India has been in talks with TAM, however, they did not get any substantial response. “We have been in touch with TAM for over six months. Now that digitisation deadline in these metros is coming, we want them to fix the issues. And we want it for the industry,” Kilambi added.

When contacted, Pradeep Hejmadi, Senior Vice-President – Marketing & S-Group of TAM Media Research told Business Standard, “As TAM, we do everything in our might, as a responsible syndicated service provider to educate and intimate users/subscribers on how software and data should be used &/or interpreted. The table clearly shows that the end user has defined a TG in a manner he/she should not. VG is a software licensed to enable subscribers to analyze viewers of a certain program/channel/daypart. It therefore, will not reference to the overall sample size but the viewers of a channel/daypart/program. Given this nature of the software, TAM has ensured that no analysis is possible if a selection (of a target audience) involves less than 50 viewers.

However, Kilmabi said that Sec A, male 25+ is a “reasonably broad number”.

Talking on the data that Bloomberg TV shared with Business Standard, Hejmadi said, “VG will not produce any output on such definitions.”

When asked for comments on the recommendations, TAM spokesperson said, “As a policy, we do not correspond with or respond to our clients via the media.”

TAM is already facing the heat from NDTV, which has sued the ratings agency in the US Court. The public broadcaster Prasar Bharati's Board has also enabled it to move to the Competition Commission of India (CCI) against TAM for not covering markets where Doordarshan had a strong reach.


टैम के गणित पर चैनलों का सवाल

: दर्शकों के आंकड़े जुटाने वाली संस्था टैम की पद्घति पर लगातार सवाल उठा रहे हैं चैनल। एनडीटीवी और प्रसार भारती के बाद ब्लूमबर्ग ने साधा निशाना : देश में टेलीविजन दर्शकों के आंकड़े जुटाने वाली इकलौती संस्था टैम मीडिया रिसर्च के खिलाफ प्रसारकों के सुर लगातार मुखर होते जा रहे हैं। एनडीटीवी और प्रसार भारती के बाद अब बिजनेस न्यूज चैनल ब्लूमबर्ग टीवी ने टैम पर निशाना साधा है। चैनल ने दर्शकों की तादाद मापने के तरीके और नमूने के आकार को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

ब्लूमबर्ग टीवी ने कहा, 'टैम को अपनी प्रक्रिया और चैनलों के लिए चलन को बदलना चाहिए। मौजूदा प्रक्रिया चैनलों की साख को नुकसान पहुंचाती है जिससे उन्हें विज्ञापन राजस्व की भी हानि होती है।' चैनल ने टैम द्वारा प्रयोग किए जाने वाले सॉफ्टवेयर व्यूअरग्राफिक्स (वीजी) से श्रेणी ए 25 वर्ष से अधिक के पुरुषों के लक्षित समूह का नमूना लिया। नतीजे में मुंबई में औसत दर्शक संख्या 12 रही तो दिल्ली में यही आंकड़ा नौ रहा। चैनल के मुताबिक अंग्रेजी के कारोबारी समाचार चैनल के लिहाज से नमूने का आकार बेहद छोटा है जो इस श्रेणी की तकदीर तय नहीं कर सकता। दिलचस्प बात यह है कि आठ महानगरों में बिजनेस न्यूज चैनल के कुल दर्शकों के 62 फीसदी दर्शक मुंबई और दिल्ली के ही होते हैं। विज्ञापनदाताओं के लिए विज्ञापन देने के लिहाज से दर्शकों का यह आंकड़ा बेहद अहम होता है।

बिज़नेस स्टैंडर्ड से बातचीत में ब्लूमबर्ग टीवी इंडिया के अध्यक्ष श्रीराम किलांबी ने कहा, 'टैम के आंकड़े हमारे मुताबिक ठीक नहीं हैं। यह असल तस्वीर से काफी अलग हैं। हमें दर्शकों की जो प्रतिक्रिया मिलती है, उसमें और टैम के आंकड़ों में भारी अंतर है। यही वजह है कि हमने खुद टैम के आंकड़ों और तरीकों को लेकर अपने हिसाब से 23 हफ्तों तक शोध किया। टैम के आंकड़े शायद सामान्य मनोरंजन चैनलों के लिए कारगर हों लेकिन इस श्रेणी के लिए तो बिलकुल नहीं।Ó किलांबी का तर्क है कि टैम के आंकड़े कुछ खास लोगों तक सीमित होने की वजह से उचित नहीं हैं और इससे उद्योग के विस्तार पर भी बुरा असर पड़ता है। इसलिए टैम को अंग्रेजी बिजनेस न्यूज चैनलों की रेटिंग का काम बंद कर देना चाहिए। उन्होंने बताया कि ब्लूमबर्ग टीवी इंडिया लगातार टैम के साथ बातचीत कर रही है लेकिन उनकी ओर से कोई उचित जवाब नहीं मिला।

किलांबी ने कहा, 'हम पिछले छह महीने से लगातार टैम के संपर्क में हैं। महानगरों में डिजिटलीकरण की समयसीमा नजदीक आ जाने की वजह से हम पूरे मामले को सुलझा लेना चाहते हैं और यह बात उद्योग के लिए भी बहुत जरूरी है।' संपर्क करने पर टैम मीडिया रिसर्च के वरिष्ठï उपाध्यक्ष (विपणन)प्रदीप हेजमादी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, 'टैम, एक जिम्मेदार सेवा प्रदाता के तौर सॉफ्टवेयर और आंकड़ों के प्रयोग के तरीकों के बारे में इस्तेमाल करने वालों को भरपूर जानकारी देता है।
सारिणी में स्पष्टï हो जाता है कि उपभोक्ता टीजी का उपयोग गलत तरीके से कर रहा है।

जबकि वीजी जैसे सॉफ्टवेयर दिन के किसी विशेष समय, चैनल या कार्यक्रम के दर्शकों के बारे में विश्लेषण करता है। इसलिए यह पूरे नमूने के बारे में नहीं बल्कि चैनल या कार्यक्रम के दर्शकों के बारे में जानकारी देता है। इस तरह के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हुए टैम ने स्पष्टï कर दिया है कि अगर दर्शकों की संख्या 50 से कम होती है तो उसका कोई विश्लेषण नहीं किया जा सकता है।Ó हालांकि किलांबी का कहना है कि श्रेणी ए के अंतर्गत 25 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुष काफी संख्या में मौजूद हैं। ब्लूमबर्ग टीवी द्वारा बिजनेस स्टैंडर्ड को बताए गए आंकड़ों के बारे में बात करते हुए हेजमादी कहते हैं, 'वीजी ऐसी परिभाषाओं के बारे में कोई भी परिणाम नहीं देगा।' सिफारिशों के बारे में टिप्पणी करने की बात आने पर टैम के प्रवक्ता ने कहा, 'नीतियों के तहत हम अपने ग्राहकों से मीडिया के जरिये कोई बात नहीं करेंगे।'

टैम पहले से ही एनडीटीवी द्वारा अमेरिकी न्यायालय में दायर किए गए मामले से परेशानी में है। सरकारी प्रसारक प्रसार भारती बोर्ड ने भी टैम के खिलाफ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग  के सामने दस्तक दी है। प्रसार भारती का कहना है कि टैम दूरदर्शन की व्यापक पहुंच वाले क्षेत्रों को अपने शोध में शामिल नहीं करता है। वक्त-वक्त पर दूसरे चैनल भी टैम की पद्घति को लेकर  सवाल उठाते रहते हैं। यहां तक कि सरकार भी इन आपत्तियों को जायज मानती है।

साभार- बिजनेस स्टैंडर्ड

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