: सहारा को नहीं मिली कोई राहत : शिमला : हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने सहारा इंडिया परिवार को फिलहाल कोई राहत देने से मना कर दिया है। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि जब तक सहारा इंडिया परिवार के खिलाफ दायर याचिका पर कोई जवाब दायर नहीं किया जाता है, तब तक यह आदेश प्रभावी रहेंगे। इसके अलावा हालांकि न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय को यह भी आदेश जारी किए हैं कि कंपनी द्वारा पैसे को सफेद धन में तब्दील करने के बारे में मौजूदा वास्तविक स्थिति क्या है, इसकी जानकारी दी जाए।
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से हिमाचल में जो धन कंपनी द्वारा इकट्ठा किया है उसका जवाब देने का दायित्व पूर्णतया कंपनी पर है। न्यायालय ने फिर से प्रवर्तन निदेशालय व रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को आदेश दिए कि सहारा इंडिया परिवार की कंपनी के खिलाफ जो भी आरोप याचिका में लगाए हैं, उसकी जांच करने के लिए वह स्वतंत्र है।
गौर रहे कि न्यायालय के पिछले आदेश के अनुसार सहारा कंपनी पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया व भारतीय प्रतिभूति व विनियम बोर्ड (सेबी) की इजाजत के बगैर किसी भी बैंक के साथ पैसे के हस्तांतरण पर रोक लगा दी थी। इसके मुताबिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से हिमाचल में लेन-देन की रोक थी। साथ ही उच्च न्यायालय ने पिछले अंतरिम आदेश से रोक हटाने से भी फिलहाल मना कर दिया है। याचिका में आरोप लगाया है कि सहारा कंपनी विभिन्न तरह की स्कीमों के माध्यम से आम जनता से पैसा इकट्ठा करने के बाद उसे विदेशों में होटल खरीदने में लगा रही है। उपभोक्ताओं को उनका पैसा कैसे मिलेगा, इसके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी ही नहीं है। अब इस मामले पर आगामी सुनवाई 17 अप्रैल को निर्धारित की गई है। (जागरण)






