हाई कोर्ट ने ईडी से मांगी जानकारी, कैसे पैसे को सफेद करता है सहारा

: सहारा को नहीं मिली कोई राहत : शिमला : हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने सहारा इंडिया परिवार को फिलहाल कोई राहत देने से मना कर दिया है। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि जब तक सहारा इंडिया परिवार के खिलाफ दायर याचिका पर कोई जवाब दायर नहीं किया जाता है, तब तक यह आदेश प्रभावी रहेंगे। इसके अलावा हालांकि न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय को यह भी आदेश जारी किए हैं कि कंपनी द्वारा पैसे को सफेद धन में तब्‍दील करने के बारे में मौजूदा वास्तविक स्थिति क्या है, इसकी जानकारी दी जाए।

झूठे दावों के बीच ग्राहकों से ठगी कर रहा है सहारा समूह!

सहारा ग्रुप और सेबी के बीच विवाद तीन करोड़ से अधिक निवेशकों के 24,000 करोड़ रुपये को लौटाने को लेकर है। साधारण शब्दों में कहें तो सहारा कुछ लोगों से पैसे इस शर्त पर लेता है कि वह कुछ सालों में 'आकर्षक' रिटर्न के साथ वापस करेगा। जब कुछ निवेशक तय समय के बाद पैसे वापस लेने जाता है तो कंपनी उसे देने में आनाकानी करती है। मामला कोर्ट में पहुंचता है।

क्‍या इसके बाद खुद सहारा श्री गंदगी साफ करने मैदान में उतरेंगे?

पिछले साल 15 अगस्त को सहारा समूह के चेयरमैन सुब्रत राय नोयडा कैंपस आए थे। वहां से जाने के बाद ही खबरें आने लगी थीं कि वह नोयडा में फैली अराजकता से काफी नाराज हैं। हालांकि इससे पहले उन्होंने समरीन जैदी को भेजकर भी इनपुट मंगाया था और नोयडा आने के बाद वह सब कुछ प्रैक्टिकल रूप में भी देख लिया था। उसके बाद से ही ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि नोयडा में कुछ लोगों पर गाज गिर सकती है।

‘सहारा समूह की कुर्की हो या ना हो’, 11 मार्च को तय करेगा सैट

मुंबई। प्रतिभूति एवं अपीलीय पंचाट (सैट) ने बाजार विनियामक सेबी की ओर से जारी कुर्की के आदेश खिलाफ सुब्रत राय की अपील पर सुनवाई के लिए 11 मार्च की तारीख तय की। सहारा समूह अपनी दो कंपनियों के बॉन्ड निर्गमों का पैसा निवेशकों को वापस किए जाने के मामले में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के साथ कानूनी लड़ाई में उलझा है। सैट ने आज सहारा समूह की अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार की और 11 मार्च की तारीख मुकर्रर की है।

मुंबई की झुग्‍गी बस्‍ती के निवेशक सहारा से नाराज

मध्य मुंबई स्थित झुग्गी बस्ती बैगनवाड़ी की एक संकरी गली में भारत के बहु-बिलियन-डॉलर वाले सहारा समूह का स्थानीय कार्यालय ढूंढना मुश्किल है। गौरतलब है कि इस कंपनी के न्यूयॉर्क और लंदन में होटल हैं और एक फॉर्मूला1 रेसिंग टीम भी है। बैगनवाड़ी में नगर निगम के कूड़ेदान से महज़ कुछ किलोमीटर दूर सहारा का एक कमरे वाला ऑफिस एक छोटे, रेडीमेड कपड़े के स्टोर के ऊपर स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए, आगंतुक रस्सी थामे, संकरी लोहे की सीढ़ी पर चढ़ते हैं।

मनोज तोमर लखनऊ के संपादक, देवकी नंदन बनारस के यूनिट हेड बने

: स्‍नेह रंजन की सहारा में वापसी : प्रदीप सिन्‍हा पटना के यूनिट हेड बनाए गए : राष्‍ट्रीय सहारा में कई बदलाव किए गए हैं. इसके लिए लेटर जारी कर दिया गया है. नए बदलावों में लखनऊ, बनारस तथा पटना यूनिट प्रभावित हुए हैं. बनारस के स्‍थानीय संपादक मनोज तोमर का तबादला लखनऊ के लिए किया गया है. वे लखनऊ में अखबार के स्‍थानीय संपादक होंगे. यहां पर स्‍थानीय संपादक की भूमिका निभा रहे अनिल पांडेय को क्‍या प्रभार दिया जाएगा इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है, परन्‍तु खबर है कि वे सितम्‍बर के बाद एक्‍सटेंशन पर चल रहे हैं, लिहाजा वे रिटायर किए जा सकते हैं. हालांकि उनके रिटायरमेंट की पुष्टि नहीं हो पाई है.

बदायूं में भी सहारा के सामने मुश्किल, 8 मार्च को कोर्ट में मामले की सुनवाई

बदायूं में  धनवीर सक्सेना बनाम सहारा इंडिया वाद को लेकर बिसौली के न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में सोमवार को बहुत सरगर्मी रही। सहारा लीगल सेल के अधिकारियों की नगर में उपस्थिति चर्चा का विषय रही। उल्‍लेखनीय है कि नगर के वरिष्ठ अधिवक्ता धनवीर सक्सेना ने 1978 में सहारा इंडिया की गोल्डन की स्कीम में कुछ धनराशि जमा की थी। सहारा इंडिया द्वारा इस स्कीम को बंद करने पर श्री सक्सेना ने 1979 में न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर कर दिया।

सहारा समूह के निदेशक वंदना भार्गव समेत पांच के विरुद्ध गैर जमानती वारंट

लखनऊ : रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की ओर से सहारा इंडिया रियल इस्टेट के विरुद्ध दायर लगभग आधा दर्जन मामलों में विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सहारा इंडिया की निदेशक वंदना भार्गव समेत पांच लोगों के विरुद्ध एक मार्च के लिए गैर जमानती वारंट जारी किया है। अदालत के समक्ष सभी सात परिवाद रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज की ओर से सहायक रजिस्ट्रार ने अधिवक्ता विनय कृष्ण पांडेय की तरफ से दायर किए गए हैं। श्री पांडेय ने कंपनीज एक्ट की धारा 56, 56, (3), 60बी, 62, 63, 67, 68 एवं 73 के अंतर्गत इस मामले को कोर्ट लेकर गए हैं। 

सहारा की आखिरी उम्‍मीद भी खत्‍म, सुप्रीम कोर्ट ने नहीं बढ़ाया समय

नई दिल्ली : अपने निवेशकों को 24 हजार करोड़ रुपए लौटाने के लिए कुछ और मिलने की सहारा समूह की अंतिम उम्मीद उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को खत्म कर दी। प्रधान न्यायाधीश अलतमस कबीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सहारा समूह को और समय देने से इन्कार करते हुए फरवरी के प्रथम सप्ताह तक निवेशकों का धन लौटाने की न्यायिक आदेश का पालन नहीं करने के लिए उसे आड़े हाथों लिया।

सवाल सुब्रत रॉय के 73,000 करोड़ रुपये की सल्‍तनत का

हाल ही में एक घोषणा की वजह से दुनिया चौंक उठी. सहारा इंडिया फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन लि. (एसआइ-एफसीएल) के जारी किए एक अखबारी विज्ञापन में कहा गया था कि कंपनी के पास जून, 2011 तक 73,000 करोड़ रु. की जमा इकट्ठी हो चुकी थीं. किसी गैरबैंकिंग संस्थान के लिए यह असामान्य रूप से बड़ी रकम है, जिससे पता चलता है कि कैसे सहारा सुप्रीमो सुब्रत रॉय बड़े अधिग्रहणों में पैसा लगाते आए हैं.

सहारा के साथ लेन-देन पर सेबी ने निवेशकों को किया सर्तक

नई दिल्ली : बाजार नियामक सेबी ने सहारा समूह की दो कंपनियों और उसके प्रवर्तक समे0त समूह के प्रमुख सुब्रत राय के साथ किसी भी प्रकार के लेनदेन को लेकर निवेशकों तथा आम लोगों को आगाह किया है। कुछ दिन पहले सेबी ने सहारा समूह की दो कंपनियों सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कार्प लि. तथा सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कार्प लि.एवं समूह के चेयरमैन सुब्रत राय समेत उसके प्रवर्तकों के बैंक खातों, निवेश तथा अन्य सभी संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था जिसके बाद यह चेतावनी जारी की गयी है।

सुब्रत रॉय और विजय माल्‍या के राइज और फॉल की कहानी एक जैसी है

नई दिल्ली। सहारा और इससे पहले किंगफिशर, ये दोनों ऐसे ग्रुप हैं जो अपने प्रमोटर की शख्सियत की वजह से चर्चा में रहे हैं। और अब जब वो फंसे हैं तो सवाल उनके बिजनेस के तौर-तरीके को लेकर उठ रहे हैं। तरीके उनके भले अलग हों – लेकिन विजया माल्या और सुब्रत राय सहारा के राइज और फॉल की कहानी एक जैसी है। दोनों में कारोबारी रिश्ते भी हैं। एफ-1 रेस की फोर्स वन टीम में दोनों पार्टनर भी हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश एवं सेबी की जांच से ऊपर है सहारा समूह!

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद सहारा अपनी देनदारी से बचने के लिए निवेशको के लिए अखबारों और मीडिया के माध्यम से बड़े बड़े विज्ञापन निकाल कर अपनी साख बचाने में लगा हुआ है। इस केस में पूर्व में हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा को निवेशको के पैसे सेबी के माध्यम से लौटने के आदेश दिए थे, सहारा ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को धत्ता बताते हुए कोर्ट में अपनी लड़ाई जा रखी। सेबी बनाम सहारा मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 13 फ़रवरी को सहारा के खातों और उनके चार बड़े अधिकारियों के खातों को सीज करते हुए लेन देन पर रोक लगा दी थी।

मुमताज अहमद लखनऊ अटैच, मनोज तोमर बने बनारस के यूनिट हेड

एक तरफ सहारा समूह अपनी दुर्गति को प्राप्‍त हो रहा है तो दूसरी तरफ इस समूह के मीडिया हाउस में चलने वाली उठापटक भी अपनी गति से जारी है. बनारस से खबर है कि यूनिट हेड मुमताज अहमद को हटा दिया गया है. उन्‍हें लखनऊ से अटैच कर दिया गया है. उनकी जगह संपादक मनोज तोमर को यूनिट हेड की अतिरिक्‍त जिम्‍मेदारी निभाने को कहा गया है. इसके लिए एक पत्र भी जारी कर दिया गया है.

सहारा समूह ने कैसे खरीदा लंदन का ग्रोवनर हाउस?

रियल एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी और रिटेल कारोबार में दखल रखने वाले लखनऊ के सहारा इंडिया परिवार ने विदेश में कई बैंक खाते खोले और मॉरीशस व ब्रिटेन में कंपनियां शुरू कीं। और यह सब हुआ भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा समूह की दो कंपनियां- सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्प (एसआईआरईसीएल) और सहारा हाउसिंग इन्वेस्ट कॉर्प (एसएचआईसीएल) के खिलाफ जांच कार्रवाई प्रक्रिया शुरू करने के बाद। इन बैंक खातों का ब्योरा और इन्हें चलाने वाली कंपनियों के अलावा इनके बीच होने वाले रकम हस्तांतरण का पूरा विवरण एक विदेशी वित्तीय खुफिया इकाई (एफआईयू) ने अपनी भारतीय समकक्ष के साथ साझा की रिपोर्ट में दिया है। 

सहारा में सनसनी, विजय राय ने चैनल छोड़ा, मनोज मनु मेट्रो एडिटर बने

सहारा समय चैनल के दिग्गज विजय राय सहारा न्यूज से अलग हो गए हैं। विजय राय चैनल में कद्दावर थे और उनके पास सहारा न्यूज के ब्यूरो हेड की जिम्मेदारी थी। सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक विजय राय से इस्तीफा ले लिया गया है। हालांकि अभी तक इसका कारण पता नहीं लग पाया है। सूत्रों का कहना है कि विजय राय का जाना वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा है। राय पिछले काफी वक्त से सहारा में सक्रिय थे। एक अन्य खबर में मनोज मनु को मेट्रो एडिटर बना दिया गया है।

सहाराश्री के सचिवालय से चित्रा का इस्तीफा

चित्रा त्रिपाठी ने सहारा ग्रुप को बॉय बोल दिया है। चित्रा सहाराश्री के सचिवालय का हिस्सा थीं, जहां से वह अलग हो गई हैं। चित्रा पहले सहारा टीवी में एंकर थीं। मगर कुछ समय पहले उन्हें मुंबई में स्थित सहाराश्री के सचिवालय में भेज दिया गया था। तब से वह यहीं काम कर रही थी। सचिवालय में मुख्यधारा की मीडिया जैसा काम नहीं होने के कारण चित्रा ने यह निर्णय लिया है।

दुर्घटना में सहाराकर्मी के मासूम पुत्र की मौत

नई दिल्ली। गाजीपुर थाना क्षेत्र के मयूर विहार फेज-3 में एक तेज रफ्तार कार से कुचलकर तीसरी कक्षा के छात्र की मौत हो गई। छात्र की पहचान नीरज जोशी (8) के रूप में हुई है। नीरज के पिता सहारा इंडिया परिवार में बतौर चालक तैनात हैं। पुलिस ने नीरज के शव को पोस्टमार्टम के बाद उसके परिजनों के हवाले कर दिया है।

सहारा और मौर्य टीवी ने गलत खबर चलाकर दहशत फैलाई

बिहार-झारखंड के दो खबरिया चैनल सहारा समय और मौर्य टीवी ने आगे निकलने की होड़ में गलत खबर दिखाकर लोगों के बीच दहशत फैलाने का काम किया. दरअसल 27 नवम्‍बर की देर रात गिरीडीह जिले के हजारी बाग रोड रेलवे स्‍टेशन के समीप रेलवे ट्रैक पर केन बम होने बात आरपीएफ को पता चली. इसके बाद महुआ, ईटीवी एवं कशिश पर ट्रैक पर केन बम होने की आशंका का ब्रेकिंग देर रात को चला. इस खबर को देखकर सहारा समय और मौर्य टीवी ने खुद ही ये खबर चला दी कि ट्रैक पर तीन-चार केन बम हैं, जिसे निकाला गया.

सहारा को फिलहाल थोड़े दिनों की राहत

सर्वोच्च न्यायालय ने सहारा समूह को राहत देते हुए आज कहा कि प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (एसएटी) के उस आदेश पर अमल के लिए अगले साल 8 जनवरी तक इंतजार किया जा सकता है, जिसके तहत सहारा समूह की कंपनियों से निवेशकों के 17,400 करोड़ रुपये लौटाने को कहा गया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि निवेशकों की रकम वापसी के लिए एसएटी की ओर से दिए गए 6 सप्ताह की अवधि को फिलहाल ठंडे बस्ते में रखा जाएगा और इस मामले में अगला आदेश 8 जनवरी को सुनवाई के बाद दिया जाएगा।

चौबीस घंटे में बदल गए राष्‍ट्रीय सहारा के संपादक के तेवर!

वाह रे सहारा! गोरखपुर के राष्ट्रीय सहारा के संपादकीय विभाग में कैसे काम होता है इसका एक नमूना शनिवार को और दूसरा रविवार को देखने को मिला. संपादक ने शनिवार को चेकिंग की तो संपादकीय विभाग के 11 में से 8 बंदे गायब मिले. संपादक मनोज तिवारी ने गायब मिले आठों पर रेड लगा दिया, मतलब लेट आए तो अनुपस्थित हो गए. काम किये लेकिन उस दिन की तनख्‍वाह नहीं बनेगी. लेकिन वही संपादक रविवार को इतने नार्मल हो गये कि लोगों को विश्‍वास ही नहीं हुआ.

अखबारों ने निभाई स्‍टाफगीरी, नहीं छपी सुब्रत राय वाली खबर

स्टाफगीरी के चलते चालक, परिचालक बसों में फ्री चलते हैं, इसी तरह एक नाई दूसरे नाई से शेव करने के पैसे नहीं लेता। ऐसी ही स्टाफगीरी अखबार की दुनिया में निभाई जाने लगी है। यह स्टाफगीरी सही है या गलत, इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता, पर सहारा ग्रुप के चेयरमैन सुब्रत राय के मामले में अखबारों की स्टाफगीरी देख कर वाकई आश्चर्य हुआ।

सुब्रत राय पर कोर्ट ने कसा शिकंजा, भगोड़ा घोषित करने की तैयारी

बदायूं। न्यायालय के आदेशों को गंभीरता से न लेने पर सहारा ग्रुप के चेयरमैन सुब्रत राय को मजिस्ट्रेट ने भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की अगली सुनवाई अब 18 दिसंबर को होगी, जिसमें सुब्रत राय हाजिर नहीं हुए तो उनके विरुद्ध कुर्की के आदेश भी हो सकते हैं। सहारा ग्रुप के नेतृत्व में संचालित कंपनी द्वारा पच्चीस साल पहले गोल्डन की एकाउंट नाम की योजना चलाई गयी थी, जिसके तहत देश भर से करीब दस हजार लोगों से पच्चीस सौ रुपये प्रति व्यक्ति जमा कराये गये थे।

…ब्रृजेश ने स्‍पष्‍टीकरण नहीं दिया तो सहारा से 13 नवम्‍बर को चली जाएगी नौकरी

सहारा इंडिया यूपी-उत्‍तराखंड चैनल में सीनियर करेस्‍पांडेंट एवं एक्‍जीक्‍यूटिव के पद पर लखनऊ में कार्यरत ब्रृजेश सिंह के बारे में राष्‍ट्रीय सहारा में नोटिस छापी गई है. यह नोटिस अखबार के दिल्‍ली एडिशन के पेज नम्‍बर तीन पर प्रकाशित की गई है. नोटिस के अनुसार लखनऊ के विज्ञानपुरी में रहने वाले ब्रृजेश सिंह (कर्मचारी कोड संख्‍या – 76090) का तबादला 27 अगस्‍त को पटना के लिए कर दिया गया था. उन्‍हें सहारा के बिहार-झारखंड चैनल के लिए काम करने को कहा गया था, परन्‍तु बृजेश सिंह ने ना तो वहां ज्‍वाइन किया और ना ही लखनऊ में काम कर रहे हैं और ना ही किसी प्रकार की सूचना प्रबंधन को दी है.

राष्‍ट्रीय सहारा, आजमगढ़ के प्रभारी बने राजेश, राजीव की नई पारी

राष्‍ट्रीय सहारा, बनारस यूनिट में कुछ फेरबदल किया गया है. बनारस में स्‍टाफर के रूप में तैनात राजेश मिश्र को आजमगढ़ का नया प्रभारी बनाया गया है. राजेश इसके पहले हिंदुस्‍तान को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इससे पहले आजमगढ़ की जिम्‍मेदारी विवेकानंद मिश्र के पास थी, जो अब राजेश को रिपोर्ट करेंगे. बनारस यूनिट में ब्‍यूरो कोआर्डिनेशन देख रहे सुभाष पाठक को शंटिंग लाइन में डाल दिया गया है. उनकी जगह पहले भी डेस्‍क इंचार्ज रहे अभयानंद शुक्‍ल को कोआर्डिनेशन की जिम्‍मेदारी दे दी गई थी.

न्‍यूज चैनलों को महंगा पड़ेगा नान-न्यूज दिखाना

नई दिल्ली। टीवी न्यूज चैनलों के लिए फिल्मी गाने और फिल्मी दृश्य दिखाना अब आसान नहीं होगा। नए कॉपीराइट विधेयक के अनुसार न्यूज चैनलों को फिल्मकार, गीतकार या कॉपीराइट होल्डर से अनुमति लेनी होगी और उसे रॉयल्टी देनी होगी। अभी तक की व्यवस्था के अनुसार आधे मिनट से कम समय का क्लिप टीवी चैनलों पर चल सकता है। यह व्यवस्था खेलों पर लागू होती है लेकिन फिल्मकारों, गीतकारों, संगीतकारों, कलाकारों, नाटककारों और साहित्यकारों के लगातार आपत्ति जताने के बाद सरकार चेती है।

ब्‍यूरोचीफ अमरनाथ की देहरादून में वापसी, राष्‍ट्रीय सहारा में हलचल

: जनवाणी से जुड़े अनिल रावत : राष्ट्रीय सहारा से खबर है कि देहरादून एडिशन के स्थानीय संपादक एलएन शीतल के साथ हुए विवाद में नोएडा एटैच किए गए ब्यूरो चीफ अमरनाथ की वापसी कर दी गई है। अमरनाथ को ब्यूरो चीफ के पद पर ही देहरादून भेजा गया है। करीब छह पूर्व ब्यूरो चीफ और संपादक के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट की नौबत आ गई थी। इस विवाद के चलते ही अमरनाथ को नोएडा अटैच कर लिया गया था।

सहारा का नया ऑफिस… किराया सवा सौ करोड़ रुपये

मुंबई : अपनी रहस्‍यमय दुनिया से सबको हैरान कर देने वाले सुब्रत रॉय ने एक बार फिर लोगों को अचम्‍भे में डाल दिया है. अब उनकी कंपनी का नया लखनऊ से मुंबई शिफ्ट कर लिया है. हैरानी कंपनी के ऑफिस की शिफ्टिंग नहीं बल्कि इसका किराया है. इस नए आफिस का सालाना किराया एक अरब से भी ज्‍यादा है. जी हां हैरान मत होइए, यह सच है. मुंबई के प्रसिद्ध बांद्रा-कुर्ला कॉमप्लेक्स में एक ऑफिस का किराया इतना ही है.

सुदर्शन न्‍यूज से बिकास एवं राष्‍ट्रीय सहारा से अजीत पांडेय ने इस्‍तीफा दिया

सुदर्शन न्‍यूज, नोएडा से खबर है कि बिकास प्रसाद ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत थे. इन्‍होंने अपनी नई पारी फ्रंटियर न्‍यूज, गुवाहाटी के साथ शुरू की है. इन्‍हें न्‍यूज प्रोड्यूसर बनाया गया है. मूल रूप से वेस्‍ट बंगाल के आसनसोल के रहने वाले बिकास प्रसाद ने करियर की शुरुआत सहारा समय से की थी. इसके बाद सुदर्शन न्‍यूज से जुड़ गए थे.

राष्‍ट्रीय सहारा, पटना के आफिस में पीने का पानी भी बंद

राष्‍ट्रीय सहारा, पटना में डेस्‍क पर काम करने वाले तथा सिटी रिपोर्टर परेशान हैं. पिछले दो महीने से ऑफिस में चाय तो बंद ही थी अब पीने के लिए पानी मिलना भी बंद हो गया है. डेस्‍क वाले तो किसी तरह अपना काम चला रहे हैं पर दिन भर इधर-उधर से दौड़ कर के आने के बाद सिटी रिपोर्टरों को अब पानी भी नसीब नहीं हो रहा है. एसी भी काफी समय से खराब है, जिससे फजीहत और बढ़ गई है. 

राष्‍ट्रीय सहारा पहुंचे कमलेश, टीवी100 से आसिफ-नीरज निकले

स्‍वतंत्र चेतना, गोरखपुर से कमलेश सिंह ने इस्‍तीफा दे दिया है. कमलेश यहां क्राइम रिपोर्टर थे. वे बीच के कुछ माह को छोड़कर पिछले बारह सालों से स्‍वतंत्र चेतना को अपनी सेवाएं दे रहे थे. इन्‍होंने अपनी नई पारी गोरखपुर में ही राष्‍ट्रीय सहारा से शुरू की है. इन्‍हें यहां भी क्राइम रिपोर्टर बनाया गया है. स्‍वतंत्र चेतना से ही करियर शुरू करने वाले कमलेश सिंह कुछ समय के लिए हिंदुस्‍तान के साथ भी जुड़े, परन्‍तु जल्‍द ही वापस स्‍वतंत्र चेतना लौट गए थे. कमलेश के जाने के बाद कुछ अन्‍य पत्रकार भी स्‍वतंत्र चेतना को झटका दे सकते हैं.

अजीज बर्नी ने कहा संघ से उन्‍होंने नहीं मांगी माफी, उपेंद्र राय ने लिखा था माफीनामा

: जस्टिस काटजू की उपस्थिति में भिड़े उर्दू के दिग्‍गज पत्रकार : रविवार को नेशनल काउन्सिल फॉर प्रमोशन ऑफ़ उर्दू ने मीडिया में मुसलमानों की इमेज के बारे एक संगोष्ठी का आयोजन किया था. इसकी अध्यक्षता प्रेस क्‍लब ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन जस्टिस मारकंडेय काटजू कर रहे थे. संगोष्ठी में उस समय बवाल हो गया जब डेली जदीद मेल के संपादक ज़फर आगा ने सभा में उपस्थित उर्दू सहारा के संपादक अज़ीज़ बर्नी की इस बात के लिए प्रशंसा करना शुरू कर दी कि वह मुस्लिमों के लिए अपने अखबार के द्वारा बहुत कुछ कर रहे हैं.

राष्‍ट्रीय सहारा के पत्रकार मोहित श्रीवास्‍तव को पितृ शोक

राष्ट्रीय सहारा नोएडा के संपादकीय विभाग में कार्यरत वरिष्‍ठ पत्रकार मोहित श्रीवास्तव के पिता भगवान प्रसाद श्रीवास्तव का रविवार को उनके निवास स्थान मोहल्ला टूंडली (टूंडला) जिला फिरोजाबाद में आकस्मिक निधन हो गया। वह 66 वर्ष के थे। वे एयरफोर्स से सेवानिवृत्त होने के बाद से टूंडली में ही रह रहे थे। स्वर्गीय श्रीवास्तव के …

राजस्‍थान में खुलेगा पत्रकारिता विश्‍वविद्यालय

 राजस्थान के मुख्यमंत्री और ‘पिंक सिटी प्रेस क्लब’के मानद सदस्य अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा है कि राजस्थान में पत्रकारिता विश्वविद्यालय खोलने की संभावना तलाशी जाएगी.‘पिंक सिटी प्रेस क्लब’की बीसवीं वर्षंगाठ पर आयोजित समारोह में गहलोत ने कहा कि देश में राजस्थान की पत्रकारिता की अलग पहचान है. आजादी के आन्दोलन में भी राजस्थान के पत्रकारों ने महती भूमिका निभाई उन्हें भूला नहीं जा सकता है.

रहस्‍यमय आकृति से गोरखपुर के पुलिस लाइन में सनसनी

: राष्‍ट्रीय सहारा और अमर उजाला ने खबर छापकर दहशत और बढ़ाया : गोरखपुर के पुलिस लाइन में सनसनी फैली हुई है. एक युवक के मोबाइल में अनायास ही एक ऐसी तस्‍वीर खींच गई है, जिसे लोग प्रेत-भूत-आत्‍मा-चुड़ैल मानकर दहशत में हैं. अब हाल यह है कि शाम होते ही बच्‍चे घरों में कैद होने लगे हैं और महिलाओं ने रात में निकलना बंद कर दिया है. इस खबर को राष्‍ट्रीय सहारा और अमर उजाला ने प्रकाशित कर माहौल को और अधिक डरावना बना दिया है. इसके बाद से नई-नई बातें और चर्चाएं सामने आने लगी हैं और डर-भय का दायरा बढ़ने लगा है.

सुब्रत रॉय की रहस्यमय दुनिया के इर्दगिर्द कसता जा रहा है फंदा

हाल ही में एक घोषणा की वजह से दुनिया चौंक उठी. सहारा इंडिया फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन लि. (एसआइ-एफसीएल) के जारी किए एक अखबारी विज्ञापन में कहा गया था कि कंपनी के पास जून, 2011 तक 73,000 करोड़ रु. की जमा इकट्ठी हो चुकी थीं. किसी गैरबैंकिंग संस्थान के लिए यह असामान्य रूप से बड़ी रकम है, जिससे पता चलता है कि कैसे सहारा सुप्रीमो सुब्रत रॉय बड़े अधिग्रहणों में पैसा लगाते आए हैं.