पुलिस की बर्बरता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर बहुत कड़ी टिप्पणी की है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लगता है देशभर की पुलिस का बर्ताव जानवर जैसा हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में एक एसीपी द्वारा विरोध प्रदर्शन कर रही एक युवती को थप्पड़ मारे जाने की शर्मनाक घटना पर यह टिप्पणी की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के रवैये पर सख्त रुख अपनाया है.
'गुड़िया' रेप के विरोध में प्रदर्शन कर रही लड़की को थप्पड़ मारने पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से हलफनामा मांगा है. दिल्ली पुलिस कमिश्नर को हलफनामा दायर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कल तक का वक्त दिया है. गौरतलब है कि गांधी नगर में 5 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के खिलाफ विरोध करने पर दिल्ली पुलिस के एक एसीपी ने अस्पताल में एक लड़की पर थप्पड़ों की बरसात कर दी, जिसके बाद तमाम लोगों ने इस घटना का विरोध किया था.
इस मामले में बड़ा विवाद खड़ा हो जाने के बाद एसीपी बीएस अहलावत को निलंबित कर दिया गया था. इस मामले स्वत: संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह कड़ी टिप्पणी की है. साथ ही पुलिस कमिश्नर से इस मामले में हलफनामा भी मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के अलीगढ़ में हुई घटना पर भी कड़ी टिप्पणी की है. इस मामले में यूपी सरकार से जवाब मांगा गया है. उल्लेखनीय है कि अलीगढ़ शहर के बन्नादेवी थाना क्षेत्र से लापता हो गई एक 6 वर्षीय बच्ची से कथित बलात्कार और हत्या के मामले का विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. खुद वहां के एसपी सिटी ने डंडे से और एक बुजुर्ग महिला को धक्का देकर गिराया दिया. मामला गर्म होने पर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई.





