वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार को साहित्य चेतना समाज ने गाजीपुर गौरव के सम्मान से नवाजा। हजारों लोगों की भीड ने उस समय तालियों की गडगडाहट से 81 वर्षीय विजय बाबू के प्रति सम्मान का इजहार किया जब यशभारती पुरस्कार से सम्मानित मूर्धन्य साहित्यकार डा0 विवेकी राय, पूर्व कुलपति डा0 अच्युतानन्द मिश्र एवं प्रो0 सत्यमित्र दूबे ने उन्हें अंगवस्त्रम, माला व प्रशस्ति पत्र दिया। साहित्य चेतना समाज का यह वार्षिक सम्मेलन गाजीपुर में आयोजित किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा0 अच्युतानन्द मिश्र थे। जिन्होने अपने सम्बोधन में विजय कुमार को पूर्वान्चल व प्रदेश के यशस्वी पत्रकारों में से एक बताया और कहा कि इनकी कलम तो हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ व उत्थान-प्रगति के लिये चली है। इनमें मैं हमेशा एक युवा की तस्वीर देखता हूं।
अध्यक्षता कर रहे डा0 विवेकी राय ने कहा कि विजय बाबू चक्रवर्ती हैं और आज सैकडों हाथों ने इन्हें सम्पूर्ण आदर के साथ माला पहनाकर यह खिताब दिया है। उ०प्र० के अतिरिक्त उर्जा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार विजय मिश्र ने कहा कि विजय बाबू को गाजीपुर गौरव का पुरस्कार देने से गाजीपुर का गौरव बढा है। गाजीपुर गौरव से सम्मानित प्रसन्नता से अविभूत विजय बाबू ने कहा कि हम वैसे भी गाजीपुर के लोगों के एहसान से दबे थे और आज पुन: जो एहसान लाद दिया गया है, मैं प्रयास करूंगा कि उसे उतार पाऊं । कार्यक्रम में दूर-दूर से आये तमाम पत्रकारों व साहित्यकारों के साथ साथ संस्था के पदाधिकारी और गण मान्य लोग शामिल हुए। – गाजीपुर से केके की रिपोर्ट, 9415280945





