Sanjay Sharma : IBN7 ने आज यूपी के एक बड़े और संवेदनशील मामले को उठाया है. गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले गरीबो के इलाज में की गई गड़बड़ी को जब मैंने स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन के सामने उठाया तो नाराज मुख्यमंत्री के सचिव और योजना का काम देख रहे आलोक कुमार मुझसे ही कहने लगे कि गड़बड़ी की एफआईआर मैं लिखवा दूँ. जिसके बाद लखनऊ के सभी पत्रकारों ने इसका तीखा विरोध किया और प्रेस वार्ता बीच में ही समाप्त हो गई.
17 मई को भड़ास के दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में जिसमें अनिरुद्ध बहल, आनंद प्रधान, आप पार्टी के मनीष सिसोदिया समेत तमाम सम्मानित पत्रकार मौजूद थे, मुझे सम्मानित करने से पहले यशवंत ने इस मुद्दे का जिक्र किया. आज आईबीएन7 ने खबर चला कर एक बड़ा काम किया, क्योंकि इस योजना के कर्ता धर्ता अफसरों को पता था कि वह इस योजना का बहुत बड़ा विज्ञापन देते हैं इसलिए इस योजना की खबर कोई नहीं छापेगा.
काम देख रहे अफसर मुख्यमंत्री के सचिव भी हैं इसलिए पंगा मुश्किल से ही कोई लेगा. मगर आज आईबीएन की खबर के बाद हंगामा मच गया है. आप सब से अनुरोध है कि भले ही अपने को बड़ा कहने वाले अखबार इसे नहीं छापें, मगर हम सब अपने अपने स्तर से इसका विरोध करें. प्रधानमंत्री को ख़त लिखें कि केंद्र की इस योजना को कैसे लूटा जा रहा है. यह समाज के सबसे गरीब आदमी और उसके परिवार के लोगों को गंभीर बीमारी में इलाज के लिए राहत की योजना है. हमारे सामूहिक प्रयास गरीबों को ईलाज दिलाने में सहायक हो सकते हैं.
वरिष्ठ पत्रकार संजय शर्मा के एफबी वॉल से साभार.






